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Video: दुर्ग जिला अस्पताल में बच्चा बदला, DNA टेस्ट में जीती शबाना की ममता, मासूम को गोद में लेते ही निकले आंसु

by Dakshi Sahu Rao
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CG Prime News@दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला अस्पताल (Durg District hospital) में बच्चा अदला बदली की गुत्थी आखिर सुलझ गई है। DNA टेस्ट की रिपोर्ट शनिवार को आ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक साधना के पास जो बच्चा है वो शबाना का बच्चा है। DNA रिपोर्ट आते ही बाल कल्याण समिति की ओर से बच्चा शबाना को देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। देर शाम दोनों माताओं को उनका बच्चा सौंप दिया गया है। CMHO डॉ. मनोज दानी ने बच्चा शबाना और साधना को सौंपने की पुष्टि की है।

 

डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के बाद शबाना के परिवार में खुशी की लहर है। बता दें कि शबाना ने ही इस पूरी लापरवाही से पर्दा उठाते हुए बच्चा बदलने का खुलासा किया था। शबाना को शक था कि उसके पास जो बच्चा है वह साधना का है और साधना के पास जो बच्चा है वह शबाना का है। जिसके बाद उसने जिला अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बच्चा जिला अस्पताल में ही डॉक्टरों को सौंप दिया था। खुद भी जिला अस्पताल में इस मामले के सुलझने तक भर्ती हो गई थी।

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अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही के कारण दो नवजात शिशु जन्म लेते ही आपस में बदल दिए गए थे। हिंदू शिशु मुस्लिम परिवार के पास पहुंच गया था। वहीं मुस्लिम शिशु हिंदू परिवार के पास पहुंच गया था। जन्म के आठ दिन बाद जब दोनों परिवार अपने घर पहुंचे तब जाकर उन्हें शिशुओं के अदला-बदली की जानकारी मिली। शबाना कुरैशी के परिवार ने इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई थी। जिसके बाद कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देश पर एक टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने ही डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट जिला अस्पताल प्रबंधन को सौंप दिया है।

यह है पूरा मामला

23 जनवरी को शबाना कुरैशी (पति अल्ताफ कुरैशी) और साधना सिंह ने दोपहर क्रमश: 1:25 बजे और 1:32 बजे अपने-अपने बेटों को जन्म दिया। अस्पताल में नवजात शिशुओं की पहचान के लिए जन्म के तुरंत बाद उनके हाथ में मां के नाम का टैग पहनाया जाता है। जिससे किसी तरह की अदला-बदली न हो। इसी प्रक्रिया के तहत दोनों नवजातों की जन्म के बाद अपनी-अपनी माताओं के साथ तस्वीरें भी खींची गईं। हालांकि, बाद में गंभीर लापरवाही सामने आई। जब साधना सिंह लिखा हुआ बच्चा शबाना कुरैशी के पास चला गया और शबाना कुरैशी लिखा हुआ बच्चा साधना सिंह के पास। इस गलती का खुलासा 8 दिनों के बाद तब हुआ जब शबाना कुरैशी के परिवार ने ऑपरेशन के तुरंत बाद ली गई तस्वीरों को देखा। तब परिवार ने ध्यान दिया कि उनके असली बच्चे के चेहरे पर तिल (काला निशान) नहीं था। जो बच्चा इस समय उनके पास है ,उसके चेहरे पर तिल है। जिसके बाद उन्हें बच्चा बदलने का शक हुआ और इसकी शिकायत जिला अस्पताल प्रबंधन से की।

यह जानकारी मिलते ही शबाना कुरैशी के परिवार में हड़कंप मच गया। उन्होंने तुरंत जिला अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी दी, जिससे अस्पताल में भी अफरा-तफरी मच गई है। अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साधना सिंह और उनके परिवार को अस्पताल बुलाया। दोनों परिवारों और डॉक्टरों के बीच चर्चा हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया था। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा दोनों परिवार भुगत रहे थे।

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