@Dakshi sahu Rao
CG Prime News@रायपुर. छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला केस में ईओडब्ल्यू ने मंगलवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार पकड़े गए पांचों आरोपी जेल में बंद कारोबारी सूर्यकांत तिवारी के साथ काम करते थे। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी से कारोबारी के करीबी बताए जा रहे हैं।
EOW ने मांगी रिमांड
ईओडब्ल्यू ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें मोइनुद्दीन कुरैशी, रोशन कुमार सिंह, पारेख कुमार कुर्रे, राहुल कुमार सिंह और मोंटू उर्फ वीरेंद्र कुमार जायसवाल शामिल हैं। आरोप है कि पांचों आरेापी रायपुर, कोरबा, सूरजपुर में रहकर गैंग के लिए कोल लेवी का काम करते थे। ईओडब्ल्यू ने 14 दिन की रिमांड मांगी है।
निलंबित आईपीएस को भेजा जेल
कारोबारी सूर्यकांत तिवारी, निलंबित IAS समीर विश्नोई, आईएएस रानू साहू और सौम्या चौरसिया को भी कोर्ट में पेश किया गया। इन सभी की न्यायिक रिमांड आज खत्म हो गई थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फिर 1 जुलाई तक सभी को जेल भेज दिया है। मंगलवार को गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों का नाम ईडी की जांच में सामने आया था। ईओडब्ल्यू ने सभी को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था।
570 करोड़ की वसूली
छत्तीसगढ़ में अवैध कोल लेवी वसूली का मामला ईडी की रेड में सामने आया था। दावा है कि, कोल परिवहन में कोल व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को ऑफलाइन कर दिया गया था। खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक आईएएस समीर बिश्नोई ने 15 जुलाई 2020 को इसके लिए आदेश जारी किया था। इसके लिए सिंडिकेट बनाकर वसूली की जाती थी। पूरे मामले का मास्टरमाइंड किंगपिन कोल व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को माना गया। जो व्यापारी 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से अवैध रकम सूर्यकांत के कर्मचारियों के पास जमा करता था उसे ही खनिज विभाग पीट पास और परिवहन पास जारी करता था। इस तरह से स्कैम कर कुल 570 करोड रुपए की वसूली की गई।

