दुर्ग टेक्नोलॉजी सेंटर में पीएम विश्वकर्मा योजना से प्रशिक्षण, दुर्लभ तस्वीर : पत्नी ले रही सिलाई की ट्रेनिंग, बाहर पती संभाल रहे बच्चे


दुर्ग । यह तस्वीर दुर्ग रसमड़ा स्थित टेक्नोलॉजी की है, जहां महिलाओं को विश्वकर्मा योजना के तहत महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन तस्वीरों में देखा जा सकता है कि घर की गृहणी कक्षा में बैठकर प्रशिक्षण ले रही है, जबकि उनके पती बाहर बैठकर बच्चों को संभाल रहे हैं।

यह दुर्लभ तस्वीर महिलाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है, साथ में यह तस्वीर महिलाओं को बराबरी का दर्जा देने का ऐलान भी कर रही है। टेक्नोलॉजी सेंटर में हर महीने सैकड़ों महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद उनको सिलाई मशीन भी वितरित की जाएगी। इसके लिए उन्हें शासकीय नियम से प्रक्रियाएं पूर्ण करनी होंगी।

थ्योरी और प्रैक्टिकल साथ

महिलाओं को कपड़ों की सिलाई की अलग-अलग कला सिखाई जा रही है। इसमें महिलाओं को सीधे मशीन पर बैठाने से पहले सिलाई की तकनीकी थ्योरी क्लास के जरिए सिखाई जा रही है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है। वहीं ट्रेनिंग ले रही महिलाओं ने बताया कि, कल तक घरों में बेकार बैठे रहते थे, लेकिन आज सरकार की ओर से जो प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने घर परिवार को बेहतर सुविधाएं दिलाने में भी मदद कर सकेंगी। यह प्रशिक्षण लेने के बाद महिलाओं को अपने क्षेत्र विशेष में सिलाई का काम बड़ी आसानी से मिल सकेगा। यह सभी महिलाएं सर्टिफाइड टेलर्स होंगी, जिनको पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत टेक्नोलॉजी सेंटर से प्रमाण पत्र वितरित किया जाएगा।

बन पाएंगी रोजगार के काबिल

प्रशिक्षण के बाद यह महिलाएं शासकीय योजनाओं के जरिए लोन लेकर अपना खुद का व्यावसाए शुरू कर पाएंगी। इससे उन्हें रोजगार के मौके मिल सकेंगे।

वहीं इस पर बात करते हुए दुर्ग टेक्नोलॉजी सेंटर के ट्रेनिंग मैनेजर जेके मोहंती ने बताया कि, प्रशिक्षण के बाद इन लोगों को काम करने के लिए किट वितरण किए जाते हैं, जिससे ये महिलाएं पैसे की अच्छी कमाई कर सकती है।