छत्तीसगढ़ विधानसभा नहीं घेर सके कांग्रेसी, पुलिस ने चलाया वाटर केनन, धक्का-मुक्की में कई कार्यकर्ता घायल, पायलट बोले दिल्ली से चल रही सरकार

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@Dakshi sahu Rao

CG Prime News@रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेसी बुधवार को विधानसभा घेराव करने के लिए निकले लेकिन पुलिस उन्हें रोकने में कामयाब रही। बुधवार को तय कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा घेराव के लिए कांग्रेसी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचे थे। इस दौरान कांग्रेसियों को रोकने के लिए पुलिस ने 5 लेयर में बैरिकेडिंग की थी। हालांकि कार्यकर्ता पहली बैरिकेडिंग ही तोड़ सके। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर आगे बढऩे से रोक दिया।

कांग्रेसियों की पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। बैरिकेड तोडऩे के दौरान मेयर ऐजाज ढेबर और पुलिस के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। प्रदर्शन में चोट लगने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई है। फिलहाल कार्यकर्ता और नेता विधानसभा तक नहीं पहुंच सके और पहली बैरिकेड के बाद लौट गए।

इन मुद्दों को लेकर किया घेराव
प्रदेश में कानून व्यवस्था, बलौदाबाजार हिंसा, आदिवासी और किसानों सहित अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने बुधवार विधानसभा घेराव कर ऐलान किया था। हालांकि इसमें बारिश रोड़ा बन गई। उम्मीद के मुताबिक कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंचे। विपक्ष में आने के बाद कांग्रेस का ये सबसे बड़ा प्रदर्शन बताया जा रहा था।
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टी कर दी थी। इससे 15 हजार बच्चे आज स्कूल नहीं जा पाए। वहीं, मंडीगेट-मोवा रोड को शाम 5 बजे तक बंद कर रूट डायवर्ट किया गया है।

पायलट बोले दिल्ली से चल रही सरकार
विधानसभा घेराव से पहले प्रदर्शन स्थल पर कांग्रेस नेताओं ने सभा की। इसमें शामिल होने के लिए प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार दिल्ली से चल रही है। वो नींद में है, इसलिए हम जगाने के लिए आए हैं। कहा कि, विपक्ष ऐसा विरोध प्रदर्शन दो-तीन साल बाद करता है, लेकिन छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के 6 माह बाद ही ऐसी नौबत आ गई।

कहते हैं उप मुख्यमंत्री को कॉल लगा देंगे
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, जो हमारी सरकार में 5 साल में नहीं हुआ, वह 6 माह की साय सरकार में हो गया। उन्होंने कहा कि, विष्णुदेव बताएं कि हमारी सरकार में कब कलेक्ट्रेट में आग लगी? बताएं कि कब हमारी सरकार में आदिवासियों को नक्सली बता कर मारा गया? आज बीजेपी के गुंडे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर कार्यवाही का दबाव बना रहे हैं, पुलिस को काम नहीं करने दे रहे हैं। कहते हैं उपमुख्यमंत्री को फ़ोन लगा दूंगा। छत्तीसगढ़ के इतिहास बलौदाबाजार की हिंसा काला धब्बा है।