Thursday, February 12, 2026
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गर्लफ्रेंड से मिलने गए नाबालिग लड़के को CG पुलिस ने थाने में बेरहमी से पीटकर सड़क पर फेंका, थाना प्रभारी लाइन अटैच, अस्पताल में भर्ती लड़का

by Dakshi Sahu Rao
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CG PRIME NEWS

@Dakshi sahu Rao

CG Prime News@राजनांदगांव. दुर्ग संभाग के राजनांदगांव जिले में अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने गए नाबालिग की पुलिस ने जमकर पिटाई कर दी। नाबालिग लड़के को पुलिस ने इस कदर बेरहमी से पीटा की वह अस्पताल पहुंच गया। नाबालिग से बरबरता की शिकायत के बाद छुरिया थाना प्रभारी टीआई को लाइन अटैच कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में पीडि़त नाबालिग के पिता ने भी पुलगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई है। नाबालिग के पिता ने पुलिस पर बेटे को बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया है। वहीं पुलगांव थाना प्रभारी का कहना है कि हमारे पास किसी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

SDOP कर रहे जांच
नाबालिग की पिटाई का मामला सामने आने के बाद छुरिया थाना प्रभारी अवनीश श्रीवास को लाइन अटैच कर दिया गया है। डोंगरगढ़ एसडीओपी आशीष कुंजाम ने बताया कि शिकायत के बाद शुरुआती जांच कर उसकी रिपोर्ट एसपी को सौंपी गई है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच अभी चल रही है।

ITBP के जवान ने दी सूचना
नाबालिग ने बताया कि, पुलिस उसे और लड़की को थाने ले गई। आरोप है कि पुलिस ने लड़के के परिजनों को सूचना नहीं दी। इस दौरान लड़की से भी उसे थप्पड़ मरवाए गए। इसके बाद थाने में बंद कर उसे बुरी तरह से पीटा गया। फिर बेसुध हालत में थाना परिसर के बाहर छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि थाना परिसर से कुछ दूर ही आईटीबीपी का कैंप है। वहां के जवानों ने लड़के को सड़क पर बेसुध और घायल हालत में पड़ा देखा। इसके बाद लड़के को होश में लाकर उसके मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। नाबालिग के परिजन छुरिया पहुंचे और उसे दुर्ग के एक अस्पताल में भर्ती कराया।

यह है पूरा मामला
दुर्ग निवासी नाबालिग 21 सितंबर को अपनी प्रेमिका से मिलने छुरिया से लगे एक गांव पहुंचा था। उस दौरान लड़की के घर में सिर्फ उसकी दादी थी। नाबालिग ने बताया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बैठकर खाना खा रहा था। तभी उसकी दादी आ गईं। इस पर वह दोनों डरकर कमरे में छिप गए। संदेह होने पर उसकी दादी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद आसपास के ग्रामीण भी पहुंच गए। वह लोग रात भर दरवाजा पीटते रहे। इसके चलते रात करीब 1 बजे से सुबह 6 बजे तक कमरे से बाहर नहीं निकले। इसके बाद लड़की के परिजन भी पहुंच गए। यह देखकर लड़की ने ही डायल-112 को सूचना दी।

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