Thursday, July 30, 2026
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Big News: महादेव, अन्ना रेड्डी और लेजर ऑनलाइन सट्टा के खिलाफ CG पुलिस की सबसे बड़ी कार्रवाई, महाराष्ट्र से 26 सटोरिए गिरफ्तार, मिला दुबई कनेक्शन

by Dakshi Sahu Rao
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@Dakshi sahu Rao

CG Prime News@रायपुर. छत्तीसगढ़ पुलिस ने महादेव (Mahadev Book App), अन्ना रेड्डी और लेजर ऑनलाइन सट्टा एप के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र से 26 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। रायपुर पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि ये आरोपी 10 ऑनलाइन एप्लिेकशन की मदद से आईपीएल में करोड़ों का सट्टा खिला रहे थे। पुलिस ने पुणे के एक फ्लैट में रेड मारकर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों का दुबई कनेक्शन भी मिला है।

पुणे के फ्लैट में चल रहा था सट्टा कारोबार
रायपुर पुलिस लगातार IPL में सट्टेबाजी रोकने के लिए आरोपियों की धड़पकड़ कर रही है। इस कड़ी में एंटी क्राइम यूनिट और गंज थाना की टीम ने रायपुर में आठ सटोरियों को पकड़ा था। इन आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि, पुणे के 2 अलग-अलग इलाकों के फ्लैट में सट्टा खिलाने का बड़ा कारोबार चल रहा है। ये फ्लैट पुणे के भारती विद्यापीठ क्षेत्र और राजदीप अपार्टमेंट में हैं।


पुख्ता सूचना मिलने के बाद रायपुर पुलिस की टीम पुणे रवाना हुई। जहां पर पुलिस कर्मियों ने दूधवाला-सब्जीवाला बनकर फ्लैट की रेकी की। पुलिस एक हफ्ते तक वहां पर रुकी रही। इस बीच पुलिसकर्मी इसी तरह घरेलू कामों के बहाने फ्लैट के अंदर की जानकारी जुटाते रहे। वे इस बात को पुख्ता करते रहे कि जिस फ्लैट में रेड मारना है। वहीं से पूरा सट्टा कारोबार संचालित हो रहा है या नहीं।

100 मोबाइल फोन जब्त
इस मामले में पकड़े गए सटोरियों के फ्लैट से 11 लैपटॉप, करीब 100 मोबाइल फोन, 81 एटीएफ, 50 सिम कार्ड, 30 पासबुक, 9 चेक बुक, 2 वाई-फाई और कैल्कुलेटर जब्त किया गया है। जब्त किए गए समान की कुल कीमत करीब 25 लाख रुपए के आसपास है। इस मामले में पुलिस को 30 करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन की जानकारी मिली है। इसके अलावा 1000 से अधिक सट्टा खेलने वालों की भी जानकारी सामने आई है। इनकी भी डिटेल पुलिस खंगाल रही है।

बैंक के कर्मचारी भी रडार में
ये पूरा सट्टे का रैकेट करोड़ों रुपए के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर टिका हुआ था। जिस वजह से पुलिस की रडार में अब अलग-अलग बैंक के कई कर्मचारी भी हैं। जिनके जरिए अवैध तरीके से मल्टी अकाउंट्स खुलवाए गए और सटोरियों से जुड़े खातों में करोड़ों रुपए के ट्रांजैक्शन के लेन-देन करने में मदद की।

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