आधी रात को खुर्सीपार में दबिश देकर 5 आरोपियों को दबोचा
भिलाई. बलौदाबाजार भाटापारा पुलिस ने आगजनी और तोडफोड़ मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने खुर्सीपार पहुंची और आधी रात को दबिश देकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर ले गई। पिछले दिनों इसी मामले में भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव की गिरफ्तारी हुई थी, वे वर्तमान में जेल में है। हांलाकि बलौदाबाजार भाटापारा पुलिस ने अब तक 184 आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली है।
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात 12 बजे खुर्सीपार थाना पहुंची। हिंसा, आगजनी और तोडफ़ोड़ में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने लोकल में पुलिस की मदद ली। इसके बाद खुर्सीपार दुर्गा मंदिर वार्ड मिलावट पारा निवासी आरोपी दिनेश बांधे (20 वर्ष), योगेश नवरंगे (22 वर्ष), लक्ष्मण सोनवानी (18 वर्ष), हेमंत खूंटे (21 वर्ष) के घर में छापेमारी की। गिरफ्तारी से पहले घर वाले चिल्ला-चिल्ला कर हिंसा में शामिल 7 लोगों का नाम गिनाने लगे। उनका कहना था कि पुलिस उन आरोपियों को नहीं पकड़ रही है। उनके लड़कों को पकड़ने आ गई। जबकि पुलिस ने एक के बाद एक कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इधर विरेंद्र गायकवाड (22 वर्ष) घर में नहीं मिला तो उसका लोकेशन ट्रेस कर भिलाई स्टील प्लांट के आस पास से गिरफ्तार किया। फिलहाल इस मामले में अभी अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
बलौदाबाजार की हिंसा मामले में खुर्सीपार के युवक किसके इशारे पर हुए शामिल
पुलिस का कहना है कि मामले में निष्पक्षता से जांच की जा रही है। यह स्पष्ट रहे कि बिना साक्ष्य पुलिस किसी भी व्यक्ति पर हाथ नहीं लगाएगी। हर स्तर पर घटना की गंभीरता से जांच कर धर पकड़ की जा रही है। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि आरोपी खुर्सीपार से पकड़ा रहे है। आखिर खुर्सीपार से युवा किसके इशारे पर बलौदाबाजार के प्रदर्शन में शामिल हुए। हिंसा की आग में किसने युवाओं को ढकेला। कौन है षड़यंत्रकारी, पुलिस इसका पता लगा रही है।
हिंसा की फोटो-वीडियोग्राफी की जांच के बाद की जा रही गिरफ्तारी
बलौदाबाजार के कलेक्ट्रेड और एसपी दफ्तर में 10 जून को धरना प्रदर्शन कर तोड़फोड़-आगजनी और हिंसा की गई। प्रदर्शन में शामिल लोगों द्वारा आक्रोशित होकर पुलिस बल के साथ झूमाझपटी, पत्थर बाजी, मारपीट करते हुए संयुक्त कार्यालय परिसर एवं वहां खडी वाहनों में तोडफ़ोड़ कर आग के हवाले कर दिया गया। धरना प्रदर्शन का आयोजन करने वाले और इस दौरान बलवा तोडफ़ोड़-आगजनी करने वाले आरोपियों एवं उपद्रवी तत्वों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीम गठित की और उनके ठिकानों में दबिश देकर आरोपियों की गिरफ्तारी कर रही है। प्रकरण में शामिल आरोपियों की वीडियो, फोटो, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पहचान कर उनकी धर पकड़ की जा रही है।
उपद्रवियों के घर पर चल सकता है बुल्डोजर
छत्तीसगढ़ के कलेक्ट्रेड और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तोड़फोड़-आगजनी कर हिंसा की घटना पहली बार हुई है। सरकार ने तत्काल कलेक्टर और एसपी को सस्पेंड करते हुए जिले में नए कलेक्टर और एसपी को पदस्थ किया। इसके बाद हिंसा करने वाले और हिंसा को भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने घटना की जांच शुरू की। घटना स्थल की फोटो, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर गिरफ्तारी की। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि सरकार इस मामले को लेकर सख्त है। घटना में हुए नुकसान की भरपाई उन्हीं उपद्रवियों से की जाएगी। साथ ही हिंसक घटना को अंजाम देने वाले षड़यंत्रकारियों के घर पर बुल्डोजर भी चल सकता है।

