CG Prime News@दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एनकाउंटर में मारे गए शातिर बदमाश अमित जोश की सहायता करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जोश को छिपने में सहायता करने वाले डी. संतोष राव को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने अमित जोश के एनकाउंटर के बाद उन लोगों को भी गिरफ्तार करने का आदेश दिया, जिन्होंने फरारी के दौरान उसकी मदद की हो। इसी कड़ी में पुलिस ने अमित जोश की फरारी में मदद करने वाले आरोपी डी. संतोष राव को हिरासत में लिया।
स्कूटी लेकर भागा था अमित
रविवार को प्रेस वार्ता में पुलिस ने बताया कि आरोपी डी. संतोष राव ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने अमित जोश को छिपने में सहयोग किया था। उसने यह भी बताया कि अमित जोश घटना के बाद उससे स्कूटी लेकर भागा था। इसके बाद उसने उस एक्टिवा CG 07 CG 3622 को पेण्ड्रा रोड रेलवे स्टेशन के वाहन पार्किंग में खड़ा कर दिया और ट्रेन से भाग गया। पुलिस ने डी. संतोष राव की निशादेही पर एक्टिवा को वहां से जब्त कर लिया है।
इस घटनाक्रम के बाद से अमित था फरार
एनकाउंटर में मारा गया अमित जोश 26 जून 2024 की देर रात 1.20 बजे अपने साथियों के साथ सेक्टर 10 पुलिया के पास यानि सेंट्र्ल एवेन्य रोड ग्लोब चौक के पास तीन लड़कों पर गोली चलाई थी। इसमें आदित्य सिंह और सुनील यादव को गोली लगी और वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद अमित जोश के साथी डॉग, अंकुर शर्मा और यशवंत नायडू ने भिलाई नगर थाने में नई कहानी बनाई और बताया कि किसी दूसरे गैंग के लोगों ने दूसरे गैंग के लोगों को गोली मारी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी। इसी दौरान घायलों के दोस्त सेक्टर 7 जेएमक्यू कालोनी निवासी रमनजीत सिंह ने थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई थी।
8 नवंबर को एनकाउंटर में अमित जोश ढेर
लगभग 5 महीनों से पुलिस से लुकाछिपी का खेल खेल रहा अमित जोश 8 नंबर को पकड़ में आ ही गया। पुलिस ने उसे शाम करीबन 5 बजे जयंती स्टेडियम के पीछे झाड़ी के पास घेर लिया। इस दौरान अमित जोश ने पुलिस के ऊपर पिस्टल से लगभग 6-7 फायर किए। जवाबी फायरिंग में पुलिस की कई गोली उसे लगी और वो वहीं ढेर हो गया।

