Big breaking: पति और दो बच्चों की मां ने प्रेमी संग रहने रची अपनी ही मौत की साजिश

साजिश को अंजाम देने गंडई में की एक वृद्ध की हत्या

CG Prime News@भिलाई. पति और दो बच्चों की मां ने अपने बचपन के प्रेमी को पाने की हसरत में अपनी ही मौत की साजिश रच डाली। मेडिकल संचालक व बैगा प्रेमी के साथ मिलकर अपनी कदकाठी की महिला को अपने घर में ही जला दिया। जिससे घरवाले समझे। वह अपने ऊपर आग लगाकर आत्महत्या कर ली है, लेकिन पुलिस की तफ्तीश में उनका भंडाफोड़ हो गया। पुलिस ने षड्यंत्रकारी सुप्रिया यादव गंडई निवासी प्रेमी उमेश साहू और उसके साथी प्रदीप जंघेल को गिरफ्तार कर लिया। महिला की साजिश यह थी कि घर के लोग उसे मृत समझे ताकि वह हमेशा के लिए प्रेमी के साथ रह सकेगी।

घटना मोहननगर थाना अंतर्गत गिरधारी नगर 15 अगस्त रात करीब 1:30 बजे की है। टी विजय यादव ने बताया कि पुलिस को भूपेंद्र यादव ने यह सूचना दी थी कि उसकी पत्नी सुप्रिया यादव ने आग लगाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने इस दिशा में जांच शुरू की तभी केस में एक नया मोड़ आ गया। उसकी पत्नी सुप्रिया यादव के जीवित होने का पता चला। वह गंडई चली गई थी और अपनी छोटी बहन से फोन पर बात की थी। दुर्ग पुलिस की सूचना पर वह कहीं भागती इसके पहले पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

गंडई में बुजुर्ग महिला की हत्या, दुर्ग में जलाएं

पुलिस ने बताया कि गंडई के रहने वाले सुप्रिया यादव की शादी गिरधारी नगर दुर्ग निवासी भूपेंद्र यादव से हुई थी। उससे एक बेटा और बेटी है। इधर शादी के बाद भी सुप्रिया अपने बचपन के प्रेमी उमेश साहू से मेलजोल बनाए रखी थी। इस बीच सुप्रिया ने उमेश के साथ हमेशा के लिए रहने का वादा किया। फिर दोनों ने साजिश रची कि उसकी कदकाठी की किसी दूसरी महिला को उसके घर में जला देंगे। उसका पति और समाज समझेगा कि सुप्रिया ने आत्महत्या कर ली है। फिर दोनों हमेशा के लिए एक साथ रहेंगे।

महिला हत्या के बाद शव को फ्रिज में रखा

पुलिस ने बताया कि इसके लिए प्रेमी उमेश साहू ने अपनी मेडिकल दुकान में दवा लेने आई एक महिला सूरज बाई (65 वर्ष) उसे सुप्रिया जैसी कद काठी की लगी। मौके का फायदा उठाते हुए उमेश ने अपने साजिद को अंजाम दे दिया। सूरज भाई को बेहोशी की दवा खिलाई। जब वह बेहोश हो गई तो मुंह को तकिया से दबाकर उसकी हत्या कर दी। शव को मेडिकल दुकान के फ्रिज में रखा दिया। दूसरे दिन अपने दोस्त प्रदीप जंघेल के साथ आधी रात को कार में सूरज भाई के शव को भरा और शव लेकर सुप्रिया के घर दुर्ग पहुंचे। रात में लाश को सुप्रिया के घर में जलाया। तीनों फरार हो गए।