30 किलो सोना में 11.325 किलोग्राम सोना गायब, नेशनल चोर से पूछताछ करेगी दिल्ली पुलिस

3 अक्टूबर के बाद ट्रांजिट रिमांड पर ले जाएगी दिल्ली पुलिस

CG Prime News@भिलाई. दिल्ली जंगपुरा चौकी क्षेत्र की उमराव सिंह ज्वेलरी शोरुम से 30 किलो ग्राम सोना और 5 लाख नकद चोरी के मामले में गिरफ्तार नेशनल चोर लोकेश श्रीवास को बिलासपुर पुलिस अपने क्षेत्र की चोरी में पकड़कर ले गई। कोर्ट में पेश किया। 3 अक्टूबर तक उसे पुलिस रिमांड पर लिया। इसके बाद प्रोटेक्शन वारंट पर दिल्ली पुलिस ले जाएगी और आरोपी से पूछताछ होगी। तब बाकी 11.325 किलोग्राम सोने के बारे खुलासा होगा। बता दें लोकेश को पकड़ने तीन राज्यों की पुलिस भिलाई पहुंची थी।

दिल्ली बस स्टैंड में शातिर लोकेश और संदेही

दिल्ली पुलिस ने बताया कि उमराव सिंह ज्वेलर्स के संचालक संदीप जैन ने शिकायत में 30 किलो सोना और 5 लाख रुपए नकद चोरी का जिक्र एफआईआर में किया है। मामले की जांच में जब सीसीटीवी फुटेज और टावर डंपल लोकेशन लिया तो पता चला कि आरोपी छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में है। साउथ ईस्ट जिले की नारकोटिक्स टीम और स्पेशल स्टाफ की टीम दुर्ग पहुंची। दुर्ग पुलिस की मदद से आरोपी को खोजा गया। वहीं छत्तीसगढ़ की बिलासपुर पुलिस भी चोरी के मामले में लोकेश श्रीवास की तलाश कर रही थी, लेकिन बिलासपुर पुलिस ने लोकल का फायदा उठाते हुए लोकेश की गिरफ्तारी कर ली और मौके से 18.675 किलो ग्राम सोना और 12 लाख 50 हजार रुपए नकद भी जब्त कर लिए। साथ आरोपी लोकेश श्रीवास को गिरफ्तार कर ले गए। अब बिलासपुर से ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को दिल्ली लाया जाएगा। इसके बाद पूछताछ में आरोपी खुलासा करेगा।

दोनों पुलिस के बीच में आरोपी लोकेश

दिल्ली और दुर्ग पुलिस ने मकान में लगे सीसीटीवी फुटेज किए जब्त

दिल्ली पुलिस और दुर्ग पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर आरोपी लोकेश को दबोचा। इसी बीच बिलासपुर पुलिस के आने के बाद दिल्ली और दुर्ग पुलिस पीछे हो गई। बिलासपुर पुलिस ने आरोपी से चोरी की ज्वेलरी और नकदी रकम जब्त कर ली। संदेह यहां उठता है कि जब्त सोना के वजन से पहले एक व्यक्ति बैग लेकर सीसीटीवी फुटेज में जाते हुए नजर आया। इसकी सच्चाई सीसीटीवी फुटेज और आरोपी की पूछताछ में स्पष्ट होगी। बाकि 11.325 किलोग्राम सोना आखिर कहां गायब हुआ। इसका पता लगाया जा सकेगा।

आरोपी लोकेश, शिवा चंद्रावंशी और लोकेश राव

लोकेश के साथ एक संदेही बस स्टैड पर नजर आया

दिल्ली पुलिस ने बताया कि लोकेश श्रीवास 21 सितम्बर को वह दिल्ली पहुंचा। लोकल व्यक्ति के साथ उसने जंगपुरा उमराव सिंह ज्वेलरी शॉप गया। उसने दुकान की रैकी की। उसे पता चला कि सोमवार यानी 25 सितम्बर को सप्ताहिक अवकाश पर दुकानें बंद रहती है। 24 सितम्बर रात 9 बजे दुकान बंद हो गई। आरोपी लोकेश इसके बाद उमराव सिंह ज्वेलरी शोरुम के साइड वाली बिल्डिंग से चढ़ा। इसके बाद सेंधमारी की और विज्ञापन बोर्ड को हटाकर खिड़की से अंदर घुसा। पूरी रात और दिन ज्वेलरी शॉप के अंदर रहा। 25 सितम्बर शाम 7 बजे बैग में ज्वेलरी भरकर बाहर निकला। उसकी सारी करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

एक संदेही के साथ बस स्टैंड गया

दिल्ली पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि आरोपी लोकेश सीधे बस स्टैंड गया, जहां उसके आस पास एक संदेही नजर आया। उसे दूर से इशारों में गाइड कर रहा था। फिर लोकेश ने 25 सितम्बर को रात 9 बजे आईएसबीटी बस पकड़ी। वह बस छत्तीसगढ़ आने वाली थी। इस लिए दिल्ली पुलिस ने उसका फुटेज दुर्ग पुलिस को भेजा था।

पुरानी दिल्ली से खरीदा औजार

दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी लोकेश ने पहले रैकी किया। 24 सितम्बर शाम को पुरानी दिल्ली से औजार खरीदा। इसके बाद 9 बजे ज्वेलरी शोरुम के आस पास घुमता रहा। रात 11.45 बजे दूसरी बिल्डिंग से छत पर चढा।इसके बाद शोरुम की दीवार में सेंधमारी की और अंदर घुसा।

पूर्व में तीन बार गया दिल्ली

दिल्ली पुलिस ने बताया कि 9 और 14 सितम्बर को दो बार रैकी करने दिल्ली पहुंचा। फिर तीसरी बार 16 सितम्बर को अकेले रैकी करने दिल्ली गया। फिर वहां से लौट आया। फाइनल वारदात को अंजाम देने 21 सितम्बर को दिल्ली पहुंचा। तीन दिन तक पूरा रैकी की। दो दिन तक शोरुम में घुसा रहा और 25 सितम्बर की शाम 7 बजे शोरुम से 30 किलो सोना और 5 लाख रुपए लेकर निकला।