Teachers Day 2026: PM मोदी ने नेशनल अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों से की बात, बोले- स्क्रीन टाइम एक तरह की लत

Teachers Day 2026: PM मोदी ने नेशनल अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों से की बात, बोले- स्क्रीन टाइम एक तरह की लत

CG Prime News@दिल्ली. Teachers Day 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुने गए शिक्षकों से बातचीत की। शनिवार को पीएम मोदी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर करीब पांच मिनट का वीडियो जारी किया गया। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से बच्चों की शिक्षा, व्यवहार और बदलती चुनौतियों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। एक महिला शिक्षक से बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने उनके पढ़ाने के तरीके के बारे में सवाल किया।

Teachers Day 2026: PM मोदी ने नेशनल अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों से की बात, बोले- स्क्रीन टाइम एक तरह की लत

उन्होंने पूछा कि यदि वे उनके यहां के विद्यार्थी हों और एक अच्छा पब्लिक स्पीकर बनना चाहते हों, तो उन्हें किन बातों पर ध्यान देना चाहिए। शिक्षक ने जवाब दिया कि सबसे पहले आत्मविश्वास यानी कॉन्फिडेंस होना जरूरी है। इस पर पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए पूछा कि आखिर यह कॉन्फिडेंस आएगा कैसे? शिक्षक ने बताया कि इसके लिए लगातार अभ्यास करना पड़ता है। बातचीत का यह हिस्सा शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद तथा व्यावहारिक सीखने की अहमियत को दर्शाता है।

82 शिक्षक और एजुकेटर्स राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित

इस वर्ष तीन अलग-अलग विभागों से कुल 82 शिक्षकों और एजुकेटर्स का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए किया गया है। इनमें 48 स्कूली शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक से 21 फैकल्टी सदस्यों तथा कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय से 13 स्किल ट्रेनर्स को भी पुरस्कार के लिए चुना गया है।

पीएम बोले- स्क्रीन टाइम बन गया है एक तरह की लत

बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्क्रीन टाइम अब एक तरह की लत बन गया है। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि यदि बच्चे वास्तविक खेलों यानी मैदान में खेले जाने वाले खेलों में रुचि लेने लगें, तो उन्हें इस आदत से बाहर निकलने में मदद मिल सकती है।

ड्रेस कोड और बच्चों के व्यवहार पर भी चर्चा

पीएम मोदी ने ड्रेस कोड को लेकर सामने आने वाले विवादों पर कहा कि कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में इस तरह के मामले सामने आते हैं। उनके मुताबिक कई बार जागरूकता की कमी रहती है और कुछ परिस्थितियों में नियम बिना पर्याप्त स्पष्टीकरण के लागू कर दिए जाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के बदलते व्यवहार को समझने और उनकी आशंकाओं पर नजर रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षकों को यह लगातार पहचानने की कोशिश करनी चाहिए कि बच्चों के व्यवहार में बदलाव के पीछे कौन से कारण और परिस्थितियां काम कर रही हैं।

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