CG Prime News@बिलासपुर.Chhattisgarh High Court छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में हाईकोर्ट परिसर में विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में चीफ जस्टिस सिन्हा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि अदालतें केवल ईंट, पत्थर और कंक्रीट से बनी इमारतें नहीं हैं, बल्कि यह वह स्थान हैं जहां नागरिक अपनी उम्मीदों और न्याय व्यवस्था पर विश्वास के साथ पहुंचते हैं।
संस्था को मजबूत करना भी चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने कहा कि प्रमुख न्यायिक पद की जिम्मेदारी सिर्फ मामलों के निराकरण तक सीमित नहीं होती। संस्था को मजबूत करना, न्यायिक बुनियादी ढांचे का विकास और गरिमापूर्ण कार्य वातावरण तैयार करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पद पर व्यक्ति का कार्यकाल अस्थायी होता है, लेकिन संस्थाएं लंबे समय तक बनी रहती हैं। इसलिए उनकी कोशिश रही कि उनके कार्यकाल के बाद हाईकोर्ट की संस्था पहले से अधिक मजबूत स्थिति में हो।
बेंच और बार को बताया न्याय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा
अपने संबोधन में चीफ जस्टिस ने बेंच और बार के बीच बेहतर समन्वय को न्याय व्यवस्था के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों न्याय वितरण प्रणाली के अभिन्न अंग हैं। मजबूत न्यायपालिका के लिए स्वतंत्र और गरिमापूर्ण बार का होना आवश्यक है। चीफ जस्टिस सिन्हा ने अपने कार्यकाल में सहयोग देने के लिए साथी न्यायाधीशों, रजिस्ट्री के अधिकारियों, अधिवक्ताओं और राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यकाल में 50 हजार से ज्यादा मामलों का निराकरण
विदाई समारोह में जस्टिस संजय के अग्रवाल ने चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं। महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने बताया कि 29 मार्च 2023 से 1 सितंबर 2026 तक चीफ जस्टिस सिन्हा के कार्यकाल में कुल 50,228 मामलों का निराकरण हुआ। इनमें सिंगल बेंच के 32,600 और डिवीजन बेंच के 17,628 मामले शामिल हैं। इस दौरान 369 से अधिक रिपोर्टेड फैसलों के जरिए संवैधानिक, आपराधिक और सेवा कानून से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर निर्णय दिए गए। इससे पहले छत्तीसगढ़ आने के पूर्व वे करीब 1.34 लाख निर्णय दे चुके थे।
जनहित के मामलों में सक्रिय भूमिका
समारोह में उनके न्यायिक कार्यकाल की चर्चा करते हुए जनहित से जुड़े मामलों और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर संज्ञान लेने की उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया गया। अदालतों और आवासीय कॉलोनियों से जुड़े बुनियादी ढांचे में हुए कार्यों को भी उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में बताया गया।
जस्टिस संजय के अग्रवाल बने कार्यवाहक चीफ जस्टिस
रमेश सिन्हा के सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस संजय के अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का कार्यवाहक चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 223 के तहत यह नियुक्ति की है। भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। जस्टिस अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया जा चुका है। नई नियुक्ति प्रभावी होने तक वे छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस के रूप में दायित्व संभालेंगे।