CG Prime News@पुरी. ओडिशा के पुरी में आयोजित भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के दौरान गुरुवार शाम भगदड़ मचने से एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब पहांडी रस्म के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए रथों की ओर बढ़ने लगे। भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े।
पुरी जगन्नाथ रथयात्रा में भगदड़, एक श्रद्धालु की मौत, 100 से अधिक घायल
पहांडी रस्म के दौरान बिगड़े हालात
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब 5 बजे पहांडी रस्म के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ अचानक रथों के समीप पहुंचने लगी। यात्रा मार्ग पर तैनात वॉलेंटियर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन अत्यधिक दबाव के कारण लोग धक्का-मुक्की करने लगे। देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई श्रद्धालु जमीन पर गिर गए।
भारी बारिश के बावजूद उमड़े 10 लाख से अधिक श्रद्धालु
घटना के समय पुरी में तेज बारिश हो रही थी। इसके बावजूद रथयात्रा मार्ग पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी बताई गई। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ मुख्य मंदिर से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित गुंडीचा मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। हादसे के बाद प्रशासन और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे तथा घायलों को अस्पताल भेजा गया।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन को लेकर पहले भी गंभीर हादसे हो चुके हैं। 18 जुलाई 2015 को नवकलेवर वर्ष में अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बनी थी, जिसमें दो महिलाओं की दम घुटने से मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे।
इसके बाद 29 जून 2025 को गुंडीचा मंदिर के बाहर सरधाबली क्षेत्र में दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के दौरान भगदड़ मच गई थी। उस हादसे में तीन श्रद्धालुओं की जान चली गई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे तथा लापरवाही के आरोप में कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
प्रशासन अलर्ट, भीड़ नियंत्रण पर जोर
ताजा घटना के बाद प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के अतिरिक्त इंतजाम किए हैं। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक भीड़ न बनाने की अपील की है।