स्मार्ट प्रीपेड मीटर से मिलेगी सही व सटीक रीडिंग, मोबाइल पर मिलेगी खपन की पूरी जानकारी

स्मार्ट मीटर के कार्यान्वयन के लिए हुई बिजली कंपनी के अधिकारियों के साथ प्रारंभिक बैठक

CG Prime News@दुर्ग. छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूषन कपनी लिमिटेड, दुर्ग, राजनांदगांव एवं जगदलपुर क्षेत्र के अधिकारियों की स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाली कंपनी जीनस के साथ कोहका स्थित रुगंटा कॉलेज के ऑडोटोरियम में बैठक हुई। जिसमें स्मार्ट प्रीपेड मीटर के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। स्मार्ट मीटर होने से सही व सटीक रीडिंग के साथ ही मोबाइल पर बिजली खपत की पूरी जानकारी मिल सकेगी तथा बिजली रीचार्ज और बैलेंस की जानकारी मोबाइल पर ही देखा जा सकेगा।

दुर्ग, राजनांदगांव व जगदलपुर क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य जल्दी ही शुरू होगा। इस कार्य की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की एजेंसी वैपकास नई दिल्ली को दिया गया है। विद्युत व्यवस्था को बेतहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने सभी राज्यों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की योजना बनाई है। प्रीपेड मीटर को पहले रिचार्ज करना होगा। इसके बाद उपलब्ध बैलेंस के आधार पर बिजली का इस्तेमाल किया जा सकेगा। बैलेंस खत्म होने के पहले से ही उपभोक्ताओं को मैसेज के जरिए सूचित किया जाएगा, जिससे की उपभोक्ता अपने बिजली के मीटर को रिचार्ज कर सकें। बैठक में कार्यपालक निदेशक जगदलपुर एसके ठाकुर, दुर्ग क्षेत्र मुख्य अभियंता एम जामुलकर, मुख्य अभियंता राजनांदगांव टीके मेश्राम, अतिरिक्त मुख्य अभियंता परियोजना रायपुर बीके कुमरे, अधीक्षण अभियंता सीएच मरकाम, एसएस पांडव, सलिल कुमार खरे एवं तरुण कुमार ठाकुर तथा जीनस कंपनी के जीएम बृजगोपाल दास एवं मनोज गोयल, प्रोग्राम मैनेजर प्रदीप श्रीवास्तव सहित दुर्ग, राजनांदगावं एवं जगदलपुर क्षेत्र के समस्त कार्यपालन अभियंता उपस्थित हुए।

प्रीपेड मीटर लगने से कई दिक्कतें होंगी दूर

मुख्य अभियंता परियोजना रायपुर राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में सभी जगहों पर पोस्ट पेड मीटर लगा हुआ है। ऐसे में बिजली इस्तेमाल करने के महीने भर बाद इसका बिल आने से बिजली कंपनी को बिल का भुगतान प्राप्त करने में डेढ महीने का समय लग जाता है। कई बार रीडिंग गलत होने की वजह से बिल अधिक या कम आ जाता है, जिसकी वजह से लोगों के साथ ही कंपनी को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रीपेड मीटर लगने से ये सभी दिक्कतें दूर हो जाएगी। विद्युत वितरण कंपनी को लाइन लास और आपरेशन एवं मेन्टेंनेस में सुविधा होगी। अतिरिक्त मुख्य अभियंता परियोजना रायपुर इब्राहीम वर्गीस ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर को मोबाइल के बैलेंस की तरह रिचार्ज करना होगा। स्मार्ट मीटर के लगने से उपभोक्ताओं को सही बिल मिल सकेगी। बिल की निगरानी एप के माध्यम से पूरे विवरण के साथ स्वयं कर सकेंगे। मीटर को रीचार्ज भी सभी यूपीआई एवं ऑनलाईन माध्यमों से किया जा सकेगा। स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

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