“4 साल की बच्ची को जेल भेजने” की खबर फर्जी, पुलिस ने किया खंडन

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रायगढ़ | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में “4 साल की बच्ची को जेल भेजे जाने” की खबर को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने साफ किया है कि यह खबर पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन है तथा किसी भी नाबालिग के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार 5 फरवरी 2026 को ग्राम गेजामुडा में राजस्व विभाग की सीमांकन कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की थी। इस मामले में थाना कोतरारोड़ में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के बाद चार आरोपियों की पहचान कर 22 मार्च को उन्हें गिरफ्तार किया गया।

प्रदर्शन के बाद हुई वैधानिक कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद कुछ ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया, जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी। इस दौरान पुलिस ने 4 महिला और 4 पुरुषों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। सभी को पुलिस लाइन लाया गया, जहां एसडीएम द्वारा महिलाओं को मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

नाबालिगों पर नहीं हुई कोई कार्रवाई

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे घटनाक्रम में किसी भी नाबालिग के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके बावजूद कुछ डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई गई।

भ्रामक खबर फैलाने वालों पर कार्रवाई

पुलिस ने कहा है कि बिना तथ्य जांचे इस तरह की खबरें प्रसारित करना गंभीर मामला है। नाबालिगों की फोटो और वीडियो बिना ब्लर किए शेयर करना कानून का उल्लंघन है। संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और पोर्टल संचालकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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