900 ग्राम के नवजात को मिला नया जीवन, जिला अस्पताल की बड़ी सफलता

900 ग्राम के नवजात को डॉक्टरों ने 50 दिन में दिया नया जीवन

दुर्ग |  जिला अस्पताल दुर्ग में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने एक बार फिर उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा का उदाहरण पेश करते हुए 900 ग्राम वजन के समयपूर्व नवजात शिशु को नया जीवन दिया है। अंजोरा निवासी एक महिला के यहां जन्मे इस शिशु की हालत जन्म के समय बेहद गंभीर थी और उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी।

गंभीर स्थिति में शुरू हुआ इलाज

4 फरवरी 2026 को जन्मे इस नवजात को रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम से पीड़ित पाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। डॉक्टरों ने सर्फैक्टेंट थेरेपी के जरिए शिशु के फेफड़ों का इलाज शुरू किया।

50 दिन तक चला गहन उपचार

उपचार के दौरान शिशु को आवश्यकतानुसार रक्त चढ़ाया गया और एंटीबायोटिक्स सहित अन्य जरूरी दवाएं दी गईं। साथ ही नियमित जांच, पोषण प्रबंधन और लगातार मॉनिटरिंग की गई। लगभग 50 दिनों तक चले इलाज के बाद शिशु की स्थिति में लगातार सुधार होता गया।

अब पूरी तरह स्वस्थ, मिला डिस्चार्ज

डॉक्टरों के मुताबिक अब शिशु पूरी तरह स्वस्थ है और उसका वजन बढ़कर 1.8 किलोग्राम हो गया है। सफल उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

टीमवर्क से मिली सफलता

इस सफलता में शिशु रोग विशेषज्ञों, मेडिकल ऑफिसर्स और नर्सिंग स्टाफ की अहम भूमिका रही। अस्पताल प्रबंधन ने पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

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