दुर्ग | Durg family suicide case: Parents killed their two children first, then hanged themselves. मोहन नगर थाना क्षेत्र स्थित आर्य नगर में चार सदस्यों वाले एक परिवार की मौत के मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। शुरुआती तौर पर सामूहिक आत्महत्या का मामला माने जा रहे इस प्रकरण में अब जांच से यह तथ्य सामने आया है कि माता-पिता ने पहले अपने दोनों मासूम बच्चों की हत्या की और इसके बाद स्वयं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस द्वारा मर्ग जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल निरीक्षण, पंचनामा और परिजनों के बयान के आधार पर तैयार रिपोर्ट में बताया गया है कि 13 वर्षीय दृष्णा साहू और 11 वर्षीय यशांक साहू की मौत गला घोंटने से दम घुटने के कारण हुई थी। वहीं उनके पिता गोविंद कुंवर साहू और माता चंचल साहू की मौत फांसी लगाने से हुई।
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जांच में सामने आया पूरा घटनाक्रम
पुलिस अभिलेखों के अनुसार 21 मई 2026 की रात परिवार के सभी सदस्य भोजन करने के बाद अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे। अगले दिन सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को संदेह हुआ। जब परिवार के सदस्यों ने दरवाजा खोला तो घर के भीतर भयावह दृश्य दिखाई दिया। गोविंद कुंवर साहू एक कमरे में फंदे पर लटके मिले, जबकि उनकी पत्नी चंचल साहू दूसरे कमरे में फांसी के फंदे से झूलती मिलीं। वहीं दोनों बच्चे बिस्तर पर मृत अवस्था में पाए गए। सूचना मिलने पर मोहन नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
हत्या के बाद आत्महत्या की पुष्टि
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि माता-पिता ने आपसी सहमति से पहले दोनों बच्चों की हत्या की और फिर आत्महत्या कर ली। जांच में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की गई। हालांकि मामले के दोनों आरोपी स्वयं मृत हैं, इसलिए पुलिस नियमानुसार अंतिम वैधानिक प्रक्रिया पूरी कर रही है।
इलाके में अब भी चर्चा का विषय
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत और उसमें दो मासूम बच्चों की हत्या की पुष्टि ने पूरे दुर्ग जिले को झकझोर दिया है। घटना के पीछे के कारणों को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण का निष्कर्ष निकाला गया है।