CBI की बड़ी कार्रवाई: छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में अवैध संपत्ति का पहला मामला दर्ज

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में सीबीआई की जांच तेज, अनुपातहीन संपत्ति मामले में पहली एफआईआर दर्ज

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच में अब CBI ने पहली बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने के मामले में भारतीय टेलीफोन सेवा (ITS) के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और उनकी पत्नी मंजूला त्रिपाठी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई है जब राज्य में करोड़ों रुपये के कथित शराब घोटाले की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा पहले से ही की जा रही है।

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जांच एजेंसियों के अनुसार, अरुणपति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ में प्रतिनियुक्ति के दौरान आबकारी विभाग में विशेष सचिव और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन (CSMCL) में एमडी के पद पर कार्यरत रहे हैं। इसी अवधि के दौरान राज्य में लगभग 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले के आरोप सामने आए थे।

सीबीआई की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि त्रिपाठी ने अपनी पत्नी मंजूला त्रिपाठी के नाम पर कंपनी स्थापित कर कथित रूप से अवैध संपत्ति अर्जित की। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी घोषित संपत्ति 38 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 3.32 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस दौरान उन्होंने भिलाई, नया रायपुर और रायपुर क्षेत्रों में कई अचल संपत्तियां और भूखंड भी खरीदे।

सूत्रों के अनुसार, इस मामले में 30 से अधिक अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी आने वाले समय में कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। सीबीआई की इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है

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