अन्नामलाई ने बीजेपी छोड़ी, नए राजनीतिक आंदोलन का किया ऐलान

पूर्व तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष अन्नामलाई ने पार्टी छोड़कर नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत का ऐलान किया।

तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल

चेन्नई। Annamalai quits BJP, announces new political movement. तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई ने पार्टी से अलग होने और एक नए राजनीतिक आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा की है। सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण के दौरान उन्होंने अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि उनका नया अभियान भविष्य में एक राजनीतिक दल का स्वरूप ले सकता है।

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‘वी द लीडर’ आंदोलन से जुड़ने की अपील

अन्नामलाई ने जनता से ‘वी द लीडर’ नामक आंदोलन का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पहल तमिलनाडु में वैकल्पिक और जनकेंद्रित राजनीति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। उनके अनुसार, यह आंदोलन आने वाले समय में एक संगठित राजनीतिक शक्ति के रूप में विकसित होगा।

स्थानीय निकाय और आम चुनाव लड़ने का ऐलान

पूर्व आईपीएस अधिकारी रहे अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि उनका संगठन आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और उसके बाद होने वाले आम चुनावों में भाग लेगा। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं और राज्य के विकास को केंद्र में रखकर नई राजनीतिक दिशा तय की जाएगी।

बीजेपी में छह वर्षों के सफर का किया जिक्र

अपने संबोधन में अन्नामलाई ने कहा कि बीजेपी ने उन्हें तमिलनाडु के लोगों के लिए काम करने का अवसर दिया, जिसके लिए वह आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने राज्य में संगठन को मजबूत करने का प्रयास किया। अब वह एक नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं।

रजनीकांत और पुराने राजनीतिक अनुभवों का उल्लेख

अन्नामलाई ने अपने छात्र जीवन के दौरान डीएमडीके में इंटर्नशिप करने का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बीजेपी में शामिल होने से पहले अभिनेता रजनीकांत ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने उस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि उनका निर्णय हमेशा अपने राजनीतिक सिद्धांतों और जनता के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया।

तमिल पहचान और विकास पर जोर

अन्नामलाई ने खुद को “भारतीय पहचान वाला स्वाभिमानी तमिल” बताते हुए कहा कि तमिलनाडु के विकास के लिए सभी राजनीतिक दलों और नेताओं को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य में क्षेत्रीय पहचान और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई का यह कदम तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है और आगामी चुनावों में इसका असर देखने को मिल सकता है।

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