अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के 7 करोड़ चोरी, मंदिर के कर्मचारी के घर से मिले 10 लाख, गोबर में छिपाकर रखे थे पैसे

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के 7 करोड़ चोरी, मंदिर के कर्मचारी के घर से मिले 10 लाख, गोबर में छिपाकर रखे थे पैसे

CG Prime News@दिल्ली. 7 crore in offerings stolen from Ayodhya Ram Mandir अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के 7 करोड़ रुपए के चोरी के दावे को लेकर यूपी की राजनीति गरमा गई है। मामले को तूल पकड़ता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी बना दी है। अब इस मामले की जांच SIT करेगी। गौरतलब है कि मंदिर ट्रस्ट ने शनिवार को ही सीएम योगी से एसआईटी से जांच कराने की मांग की थी। जिसके चंद घंटों बाद ही एसआईटी का गठन कर दिया गया।

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के 7 करोड़ चोरी, मंदिर के कर्मचारी के घर से मिले 10 लाख, गोबर में छिपाकर रखे थे पैसे

एसआईटी ये सदस्य करेंगे जांच

राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी की एसआईटी (SIT) जांच टीम में लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत (IAS), किरन एस. (IPS, IG रेंज) और नील रतन (विशेष सचिव, वित्त) को शामिल किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार एसआईटी 7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट देगी।

मंदिर के दो कर्मचारी हिरासत में

इधर पुलिस ने मंदिर के दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया है। राम मंदिर के कर्मचारी लवकुश मिश्रा (27) के घर से 10 लाख रुपए बरामद हुए हैं। उसने रुपए गोबर में दबाकर छिपाए थे। इसके अलावा, कुछ पैसे बक्से में भी रखे थे। हालांकि, ये रुपए किसके हैं, यह अभी पता नहीं चल पाया है। वहीं लवकुश के पिता ने भी रुपए मिलने की पुष्टि की है। लवकुश की नौकरी उसके ससुर ने लगवाई थी। लवकुश का साला अनुकल्प मिश्रा पहले से मंदिर में नौकरी कर रहा था।

CBI जांच के लिए PIL दाखिल

मंदिर के चढ़ावे की चोरी के दावे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में शुक्रवार को जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई थी। स्थानीय अधिवक्ता मोहित अशोक ने याचिका दायर की है। इसमें चोरी के दावे की जांच CBI से कराने की मांग की गई है। साथ ही चढ़ावे का ऑडिट नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से कराने की भी मांग की गई है। याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई हो सकती है।

विनय कटियार बोले- लोग बलिदान हुए

राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे भाजपा (BJP) नेता विनय कटियार ने बताया- जांच हो रही है। गंभीर मामला है, यह हल्का-फुल्का मामला नहीं है। अरे भाई, इस पर लोग बलिदान हुए हैं। हमारे जैसे लोग, कल्याण सिंह जैसे लोग, ये सब जेल गए हैं। कल्याण सिंह ने इस्तीफा दिया था।, तब जाकर के मंदिर का बनना शुरू हुआ था।

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