प्रदेश में 5 इंजीनियरिंग कॉलेजों में शून्य एडमिशन, 11 में सीट अलॉटमेंट दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया

भिलाई . इंजीनियरिंग की काउंसलिंग के दो राउंड पूरे हो गए हैं। इस साल छात्रों ने भिलाई के कॉलेजों को विशेष तरजीह दी है। प्रदेश के नामी इंजीनियरिंग ग्रुप्स में तो शानदार एडमिशन हुए हैं, लेकन कॉलेजों की फेहरिश्त में 11 कॉलेज ऐसे भी हैं, जिनमें एडमिशन का आंकड़ा दहाई को भी पार नहीं कर पाया। रायपुर का एक कॉलेज ऐसा रहा, जिसमें इंजीनियरिंग के चार ब्रांच की 255 सीटे हैं, मगर इसमें सिर्फ एक ही सीट अलॉट हो पाई। वहीं एक और कॉलेज में इंजीनियरिंग Counselling की 129 सीटों पर एक अलॉट हुई।

यानी 128 सीट खाली रह गई। काउंसलिंग में इस साल प्रदेश के पुराने और नामी संस्थानों का ही दबदबा रहा। इधर, बीटेक कराने वाले जांजगिर चांपा के कॉलेज की महज 30 सीटों में काउंसलिंग के पहले चरण में शून्य Counselling एडमिशन शुरू रहे, जबकि दूसरे राउंड में एक सीट अलॉट हुई। पॉलीटेक्निक के एक दर्जन कॉलेजों के साथ भी ऐसी ही स्थिति बनी है।

पांच कॉलेजों में एक भी एडमिशन नहीं

इस साल की काउंसलिंग Counselling में तीन सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और तकनीकी विश्वविद्यालय सीएसवीटीयू के अलावा एक निजी कॉलेज की सभी सीटें फुल हो गई हैं। वहीं 60 से 84 फीसदी एडमिशन वाले कॉलेज 26 में से दो ही रहे। इसके अलावा सिर्फ दो कॉलेजों में 50 फीसदी एडमिशन हुए। इनमें दो कॉलेजों में एक भी एडमिशन नहीं हुआ और न ही कोई सीट आवंटित हो पाई। 5 कॉलेजों में सिर्फ एक फीसदी एडमिशन हुए। इस तरह इंजीनियरिंग में इस साल 4 फीसदी की बढ़ोतरी तो हुई है, लेकिन इस असर सिर्फ भिलाई और रायपुर के कुछ चुनिंदा कॉलेजों में ही दिखाई दिया।

सिर्फ इन कॉलेजों में ही बहार आई, जबकि शेष में सन्नाटा छाया रहा। Counselling अब सवाल यह उठता है कि जिन कॉलेजों में तय सीट संख्या का २ दो फीसदी एडमिशन भी नहीं हुई है, उनमें दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का क्या होगा। कायदे से हर साल डीटीई इन विद्यार्थियों को दूसरे संस्थानों में ट्रांसफर करता था, लेकिन इस बार ऐसी कोई नीति दिखाई नहीं पड़ रही है।

अब बचा है सिर्फ एक राउंड

पिछले कुछ साल से तकनीकी शिक्षा संचालनालय सिर्फ दो चरण में तकनीकी कोर्स की काउंसलिंग करा रहा है, वहीं एक राउंड में संस्था स्तर पर प्रवेश दिए जा रहे हैं। इस तरह इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन Counselling का अब एक ही चरण बचा है। आईएल की इस काउंसलिंग की शुरुआत डीटीई 9 सितंबर से शुरू कराएगा। पंजीयन के लिए 9 और 10 सितंबर यानी सिर्फ दो दिन मिलेंगे।

जो विद्यार्थी संस्था स्तर की काउंसलिंग में शामिल होंगे, उनकी मेरिट सूची का प्रकाशन 12 सितंबर को होगा। इसके बाद इन विद्यार्थियों को प्रवेश के लिए सिर्फ एक दिन मिलेगा। 13 सितंबर को कॉलेज पहुंचकर Counselling एडमिशन पक्का करना होगा। वहीं अन्य विषयों के लिए यह तारीख १५ सितंबर तय की गई है। प्रदेश में 15 सितंबर के बाद तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश पूरी तरह से थम जाएंगे।

दूसरे चरण के एडमिशन चल रहे हैं, इसके बाद आईएल की काउंसलिंग शुरू हो जाएगी। तय तिथि के बाद राज्य में तकनीकी पाठ्यक्रमों में एडमिशन नहीं होंगे। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के हिसाब से शेड्यूल तय किया गया है।संजय सिंघाई, काउंसलिंग प्रभारी, डीटी

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