CG Prime News@दुर्ग. Youth protest against the cg government in Durg दुर्ग जिले में सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाकर हजारों युवाओं ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने सरकार को 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा याद दिलाया। दुर्ग के हिंदी भवन के सामने अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन समस्त विज्ञान और CTET अभ्यर्थियों की ओर से किया गया। पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अरुण वोरा ने भी अभ्यर्थियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब विज्ञान, गणित, केमिस्ट्री और फिजिक्स जैसे विषयों के शिक्षक ही नहीं होंगे तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। उन्होंने सरकार से अभ्यर्थियों की मांगों पर जवाब देने की बात कही।
दुर्ग में सरकार के खिलाफ युवाओं का प्रदर्शन, 57 हजार शिक्षक भर्ती का वादा दिलाया याद
सीटेट के अभ्यर्थियों को शामिल करने की मांग
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की एक बड़ी मांग 6 सितंबर 2026 को होने वाली CTET परीक्षा से जुड़ी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जो अभ्यर्थी 6 सितंबर को CTET की परीक्षा में शामिल होने वाले हैं, उन्हें भी आगामी शिक्षक भर्ती में आवेदन करने का अवसर दिया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की तारीख और भर्ती प्रक्रिया के बीच अंतर को देखते हुए CTET परीक्षा देने वाले युवाओं को आवेदन से बाहर करना सही नहीं होगा। उन्हें भी भर्ती में शामिल होने का मौका मिलना चाहिए।
योग्य अभ्यर्थियों को मिले मौका
अभ्यर्थियों ने आगामी शिक्षक भर्ती में विज्ञान शिक्षक, जीव विज्ञान व्याख्याता और रसायन व्याख्याता के पद शामिल करने समेत कई मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में योग्य अभ्यर्थियों को ज्यादा अवसर देने की मांग की।
माध्यम के आधार पर अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए
अभ्यर्थियों ने स्वामी आत्मानंद विद्यालयों की भर्ती को लेकर भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम के योग्य अभ्यर्थियों को भर्ती में शामिल होने का अवसर दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि योग्य अभ्यर्थियों को केवल माध्यम के आधार पर अवसर से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
57 हजार शिक्षक भर्ती का वादा
प्रदर्शन में शामिल छात्र पुरुषोत्तम ने कहा कि चुनाव से पहले सरकार ने 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था। इसके बाद 33 हजार पदों की भर्ती निकली, लेकिन अब 5-6 हजार पदों की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान संकाय के लिए पर्याप्त पद नहीं होने से हजारों अभ्यर्थियों के सामने परेशानी खड़ी हो रही है।