CG Prime News@रायपुर. Chhattisgarh Assembly Monsoon Session 2026 छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें और अंतिम दिन अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। गृहमंत्री विजय शर्मा ने चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उन्होंने नक्सली हिड़मा के समर्थन से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट को री-पोस्ट किया था। इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस विधायकों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन में हंगामा शुरू हो गया।
कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने गृहमंत्री के दावे पर आपत्ति जताते हुए सदन में प्रमाण प्रस्तुत करने की मांग की। इसके बाद सत्ता पक्ष ने देवेंद्र यादव के व्यवहार और बॉडी लैंग्वेज पर भी सवाल उठाए। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते विवाद के चलते विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।
महतारी वंदन योजना पर कांग्रेस का हमला
इससे पहले प्रश्नकाल में महतारी वंदन योजना को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस ने योजना से 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटाए जाने और लाभार्थियों की संख्या 70.09 लाख से घटकर 68.54 लाख होने का मुद्दा उठाया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि लाभार्थियों के नाम मृत्यु, ई-केवाईसी नहीं होने, आयकरदाता बनने तथा पात्रता समाप्त होने जैसी वजहों से हटाए गए हैं। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
136 बिंदुओं का आरोप पत्र, सरकार पर गंभीर आरोप
प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने साय सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप पत्र प्रस्तुत करते हुए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू की। उन्होंने हसदेव अरण्य में खनन, महिलाओं के खिलाफ अपराध, कानून-व्यवस्था, पेसा कानून के क्रियान्वयन, आदिवासी क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण और अबूझमाड़ में कथित पेड़ कटाई जैसे मुद्दे उठाए।
महंत ने आरोप लगाया कि हसदेव अरण्य जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में खनन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में विधानसभा ने सर्वसम्मति से कोल ब्लॉकों को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन इसके बावजूद खनन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
उन्होंने दावा किया कि 91 हेक्टेयर क्षेत्र में खनन की अनुमति मिलने से करीब 15 हजार पेड़ों की कटाई का रास्ता साफ हुआ है। महंत ने इसे छत्तीसगढ़ की अस्मिता और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सरकार की आलोचना की।
सामूहिक विवाह और नकली मंगलसूत्र का मुद्दा भी उठा
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक अनिला भेड़िया ने सामूहिक विवाह योजना में कथित नकली मंगलसूत्र वितरण का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालोद जिले से इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए कार्रवाई का प्रश्न नहीं उठता।
सत्तापक्ष का पलटवार
अविश्वास प्रस्ताव पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन केवल औपचारिकता निभाने से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर जवाब देने के लिए तैयार है और विपक्ष के आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। दिनभर चली बहस और हंगामे के बीच विधानसभा का अंतिम दिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बहस का केंद्र बना रहा।