बोरिगारका स्कूल में स्तंभशाला का शुभारंभ, बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने स्टारलाइट फाउंडेशन की पहल

बोरिगारका स्कूल में स्तंभशाला का शुभारंभ, बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने स्टारलाइट फाउंडेशन की पहल

CG Prime News@दुर्ग. देशभर में प्रारंभिक बाल शिक्षा को मजबूती देने वाले निपुण भारत मिशन की चौथी वर्षगांठ के अवसर पर स्टारलाइट फाउंडेशन ने जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय, बोरिगारका में अपनी पहली स्तंभशाला का शुभारंभ किया। यह पहल ग्रामीण भारत में गुणवत्तापूर्ण और मूलभूत शिक्षा को बच्चों तक सुलभ कराने की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग नंदलाल चौधरी और विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य व सभापति उद्योग एवं सहकारिता समिति श्रद्धा पुरेंद्र साहू उपस्थित रहीं।

बोरिगारका स्कूल में स्तंभशाला का शुभारंभ, बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने स्टारलाइट फाउंडेशन की पहल

बुनियादी गणितीय कौशल में निपुण होंगे बच्चे

मुख्य अतिथि चौधरी ने कहा कि स्तंभशाला जैसी पहल देश की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। यह समय की आवश्यकता है कि हम बच्चों को उनकी प्रारंभिक शिक्षा में सशक्त बनाएं। निपुण भारत मिशन का उद्देश्य भी यही है कि 2026 तक हर बच्चा कक्षा 3 री के अंत तक पढऩे, लिखने और बुनियादी गणितीय कौशल में निपुण हो। वहीं जिला पंचायत सदस्य श्रद्धा पुरेंद्र साहू ने संस्था के प्रयास की तारीफ करते हुए इस गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर महत्वपूर्ण कदम बताया।

संस्था के अध्यक्ष प्रतीक ठाकरे ने बताया कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों की सहायता से एक विशेष पाठ्यक्रम भी तैयार किया गया है। यह पाठ्यक्रम बच्चों की सीखने की क्षमता, रुचि और सीखने की गति के अनुरूप अनुकूलित है। यह हमारी पहली कक्षा है। आने वाले महीनों में हम अन्य स्कूलों में भी इस मॉडल को लागू करेंगे।

जानिए क्या है स्तंभशाला

स्तंभशाला एक विशेष रूप से डिज़ाइन की गई कक्षा है, जो कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों की फाउंडेशनल लिट्रसी एंड न्यूमेरसी (एफएलएन) की क्षमताओं को विकसित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इस कक्षा को आधुनिक तकनीकी और शिक्षण उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। स्मार्ट एलईडी टीवी के माध्यम से बच्चों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।

खेल-खेल में पढ़ाई

रिच प्रिंट स्टडी मैटेरियल, चाट्र्स, चित्रात्मक पुस्तकों और कार्यपुस्तिकाओं से बच्चों की पढ़ाई को रोचक और प्रभावशाली बनाया गया है। फन लर्निंग एक्टिविटी किट और शैक्षिक खिलौनों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में जनपद उपाध्यक्ष राकेश हिरवानी, ग्राम सरपंच चुम्मन यादव संकुल प्रिंसिपल जांगड़े, शाला के हेड मास्टर आरके नोरके और बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी और ग्रामीण मौजूद रहे।

Related posts

वीजा रद्द होने के बाद नाइजीरिया लौटना चाहती थी छात्रा, पुलिस ने दिलाए 24 हजार

WhatsApp Blackmailing Case: अश्लील फोटो भेजकर ब्लैकमेलिंग

 सेल्फ ड्राइव कार हादसे के बाद युवकों को जबरन ले जाकर मारपीट, 2 लाख की मांग