CG Prime News@दिल्ली. Israel-US attack Iran इजराइल और अमेरिका ने शनिवार सुबह ईरान पर हमला कर दिया। भारतीय समयानुसार 11.30 बजे ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर इजराइल ने मिसाइल दागकर हमला कर दिया। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पलटवार करते हुए करीब 400 मिसाइलें दागीं हैं।
खामेनेई के ऑफिस को बनाया निशाना
इजराइल ने ईरान के खुफिया मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, सुप्रीम लीडर खामेनेई का ऑफिस और ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन को निशाना बनाया। हमले के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है।
लियोनस रोर दिया अभियान को नाम
इजराइल ने ईरान के खिलाफ अपने नए अभियान का नाम ‘लियोनस् रोर (शेर की दहाड़) रखा है। वहीं अल जजीरा ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह अमेरिका और इजराइल का जॉइंट मिलिट्री एक्शन है।
इजराइल-अमेरिका ने किया ईरान पर हमला, ईरान ने दुबई, कतर, बहरीन पर दागे मिसाइल
यह हमला ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर चल रही बातचीत के बीच हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर हमले की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद अमेरिका और उसके लोगों को खतरे से बचाना है।
दुबाई को ईरान ने बनाया निशाना
ईरान ने इजराइल और अमेरिका के हमले में जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत, कतर, बहरीन और साउदी अरब में मौजूद अमेरिकी बेस हमला किया है। ईरान ने यूएई के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई को भी निशाना बनाया है।
भारतीय नागरिकों को सावधानी बरतने की अपील
ईरान-इजराइल युद्ध को लेकर भारत के दूतावास ने भारतीय नागरिकों को पूरी सावधानी बरतने, गैर जरूरी यात्रा से बचने और हालात पर लगातार नजर रखने की सलाह दी। वहीं यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने कहा कि हालात खतरनाक हैं और नागरिकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया ने किया अमेरिका का समर्थन
स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्रालय ने सभी पक्षों से संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा करने की अपील की। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि ये हमले मिडिल ईस्ट को संकट के कगार पर ला रहे हैं। अमेरिका और ईरान को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। स्लोवेनिया की राष्ट्रपति नताशा पिर्क मुसर ने कहा कि यह तनाव शांति और स्थिरता के लिए खतरा पैदा करता है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि उनका देश अमेरिका के कदम का समर्थन करता है ताकि ईरान परमाणु हथियार न बना सके।