छत्तीसगढ़ के इस तालाब में रहस्यमयी तरीके से कछुओं की मौत, क्षेत्रीय मान्यता, कछुए मरने का मतलब जल्द आएगी बुरी खबर, डर के साए में लोग

पंडरिया। mysterious death of tortoise छत्तीसगढ़ के पंडरिया ब्लॉक के ग्राम नवापारा पेंड्री कला के तालाब में रहस्यमयी तरीके से कछुओं की मौत हो रही है। गुरुवार और शुक्रवार को दो दिनों में आठ कछुओं की मौत हो गई।अचानक कछुओं की मौत से ग्रामीण हैरान हैं। जबकि तालाब में मछली सहित अन्य जलीय जीव भी हैं. लेकिन किसी और जीव की मौत नहीं हुई है। केवल कछुओं की मौत हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक गुरुवार को पांच और शुक्रवार को तीन कछुओं की मौत हुई है। तालाब का पानी भी साफ और पर्याप्त मात्रा में है। तालाब में बोर से लगातार पानी भी भरा जा रहा है।

ऑक्सीजन की कमी से संभावना

तालाब में किसी प्रकार की गंदगी भी नहीं है, जिससे कछुओं को नुकसान हो। इसके बाद भी लगातार कछुओं की मौत चिन्ता का विषय बनी हुई है। उधर ग्रामीण इसको लेकर अंधविश्वास की बातें करने लगे हैं। उनका कहना है कि इससे पूरी शक्तियां आती है। उधर, जानकारों का कहना है कि आमतौर पर ऑक्सीजन की कमी और जल प्रदूषण या विषैले तत्वों से पानी में रहने वाले जीव प्रभावित होते हैं।

क्या निकला वैज्ञानिक तथ्य

इस संबंध में पशु चिकित्सालय पंडरिया के डॉ. राकेश कुमार लांझकर का कहना है कि अचानक कछुओं की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। आशंका है कि तालाब का पानी दूषित हो गया होगा।

उन्होंने कहा कि खेतों में डाले गए दवाई युक्त पानी के तालाब में आने या किसी अन्य कारण से पानी दूषित होने की आशंका है, लेकिन इसका असर तालाब के अन्य जीवों पर होना था। केवल कछुओं पर होना समझ से परे है।

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