राजीव नगर में सरकारी राशन का संदिग्ध भंडारण
भिलाई। Racket involving government rice in Supela! FIR lodged over illegal storage; Food Department’s action sparks a stir. सुपेला के राजीव नगर वार्ड-19 में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीब और जरूरतमंद राशन कार्डधारियों को वितरित किए जाने वाले सरकारी चावल के कथित अवैध खरीद-बिक्री, अदला-बदली और भंडारण का मामला सामने आया है। खाद्य विभाग की जांच के बाद मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सरकारी खाद्यान्न की अवैध खरीद-बिक्री को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
खाद्य निरीक्षक आशुतोष चंद्राकर की शिकायत पर वैशाली नगर थाना पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है। खाद्य नियंत्रक, दुर्ग द्वारा जारी पत्र के आधार पर सुपेला निवासी सोहन चेलक के खिलाफ शासकीय खाद्यान्न के कथित अवैध क्रय-विक्रय और भंडारण को लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
अमरदास चेलक के मकान में मिला PDS का चावल
खाद्य विभाग की टीम ने राजीव नगर वार्ड-19 स्थित अमरदास चेलक के मकान की जांच की। जांच के दौरान मकान में ऐसा चावल भंडारित पाया गया, जो सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्डधारियों को वितरित किया जाता है। दस्तावेज के अनुसार, मौके पर मिले चावल की पहचान नागरिक आपूर्ति निगम के तकनीकी सहायक द्वारा भी की गई।
जांच के दौरान मकान मालिक अमरदास चेलक ने खाद्य विभाग को बताया कि उक्त खाद्यान्न उसे सोहन चेलक से प्राप्त हुआ था। इसके बाद बरामद चावल को समीपस्थ शासकीय उचित मूल्य दुकान में सुपुर्द किए जाने की जानकारी सामने आई है।
Essential Commodities Act के तहत FIR
वैशाली नगर थाना पुलिस के अनुसार, दस्तावेजों के आधार पर सरकारी खाद्यान्न के कथित अवैध क्रय-विक्रय, अदला-बदली और भंडारण को लेकर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 तथा छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2016 की कंडिका 5(1) एवं 5(29) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस अब मामले में चावल की वास्तविक आपूर्ति, उसके स्रोत और कथित लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि सरकारी राशन मकान तक किस माध्यम से पहुंचा और इसके पीछे किसी बड़े अवैध नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
नोट: पुलिस जांच पूरी होने तक आरोपी के संबंध में लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।