EPFO हायर पेंशन पर बड़ा फैसला: 2014 से पहले नौकरी करने वालों को मिल सकता है ज्यादा पेंशन लाभ

कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले से EPS-95 हायर पेंशन योजना से जुड़े कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिल सकता है।

नई दिल्ली. EPFO’s big decision on higher pension: Those employed before 2014 may get higher pension benefits. प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ी बड़ी राहत सामने आई है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने EPS-95 हायर पेंशन योजना को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि वे कर्मचारी हायर पेंशन के पात्र हो सकते हैं, जो 1 सितंबर 2014 तक नौकरी में थे और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के सदस्य थे।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों ने जॉइंट ऑप्शन के जरिए अपनी वास्तविक सैलरी के आधार पर पीएफ योगदान किया है, तो उन्हें अधिक पेंशन का लाभ मिल सकता है, भले ही पहले वेतन सीमा लागू रही हो। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि यह फैसला उन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जो 1 सितंबर 2014 से पहले ही रिटायर हो चुके हैं।

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क्या है EPS-95 हायर पेंशन योजना?

कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) की शुरुआत 1995 में की गई थी। इस योजना के तहत किसी कर्मचारी को पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 साल तक नौकरी करना जरूरी होता है। नियोक्ता के PF योगदान का 8.33 प्रतिशत हिस्सा EPS खाते में जमा होता है। सामान्य नियमों के तहत पेंशन की गणना अधिकतम 15 हजार रुपये की वेतन सीमा पर की जाती है। लेकिन हायर पेंशन विकल्प में कर्मचारी अपनी वास्तविक बेसिक सैलरी के आधार पर योगदान कर सकते हैं, जिससे रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन राशि काफी बढ़ जाती है।

हाई कोर्ट के फैसले से किसे होगा फायदा?

कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है:

  • जो 1 सितंबर 2014 से पहले EPFO/EPS सदस्य थे
  • जिन्होंने हायर पेंशन विकल्प चुना था
  • जिनका PF वास्तविक सैलरी के आधार पर कटता रहा
  • जो 2014 के बाद भी सेवा में बने रहे

EPFO ने क्यों खारिज किए थे आवेदन?

कई कर्मचारियों ने अपनी वास्तविक सैलरी के आधार पर EPS योगदान की मांग की थी, लेकिन EPFO ने कई मामलों में आवेदन अस्वीकार कर दिए थे। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा। न्यायमूर्ति अनंत रामनाथ हेगड़े की पीठ ने EPFO द्वारा जारी अस्वीकृति आदेशों को रद्द करते हुए कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया।

कर्मचारियों को कितना हो सकता है फायदा?

मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 50 हजार रुपये है। सामान्य EPS नियमों में पेंशन केवल 15 हजार रुपये की सीमा पर तय होती है। लेकिन हायर पेंशन विकल्प चुनने पर पेंशन वास्तविक 50 हजार रुपये की सैलरी के आधार पर तय हो सकती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली राशि कई गुना बढ़ सकती है।

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