CG Prime News@नेपाल. Nepal Flood 2026 नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद एक बार फिर बड़े खतरे की आशंका जताई गई है। चीन से मिली जानकारी के मुताबिक, रसुवागढ़ी बॉर्डर से करीब 18 किलोमीटर ऊपर ल्हेंदे नदी में पानी रुकने से झील जैसी स्थिति बन गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी किनारे से दूर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। अधिकारियों को आशंका है कि झील टूटने की स्थिति में भोटेकोशी नदी में अचानक तेज बाढ़ आ सकती है।
नेपाल में फिर बड़ी बाढ़ का खतरा, चीन ने जारी की चेतावनी, 359 मौतें, 1,500 लोग लापता
359 लोगों की मौत, 1,500 लापता
नेपाल पुलिस के गुरुवार शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार की बाढ़ में 359 लोगों की मौत हुई है। आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं। सबसे अधिक 132 शव चितवन जिले में मिले हैं। आपदा के बाद करीब 1,500 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 288 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
21 भारतीय सुरक्षित निकाले गए
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, नेपाल में बाढ़ के बीच फंसे 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें 11 की पहचान हो चुकी है और सभी तमिलनाडु से बताए गए हैं। रसुवा से बचाए गए भारतीय नागरिकों समेत अन्य प्रभावित लोगों को नुवाकोट स्थित मैथिली बैरक में ठहराया गया है। नेपाली सेना के इस ट्रेनिंग सेंटर को राहत और बचाव अभियान के प्रमुख बेस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
नेपाल में फिर बड़ी बाढ़ का खतरा, चीन ने जारी की चेतावनी, 359 मौतें, 1,500 लोग लापता
भूकंप नहीं, लैंडस्लाइड से पैदा हुआ था तेज झटका
बुधवार सुबह नेपाल-चीन सीमा के पास 8:37 बजे तेज झटका महसूस किया गया था। शुरुआत में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था। बाद में सामने आया कि पहाड़ का बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ ल्हेंदे खोला नदी में गिरा था। इसी लैंडस्लाइड से करीब 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है।
भारत ने मदद का भरोसा दिया
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत नेपाल की जरूरत के अनुसार राहत सामग्री और बेली ब्रिज भेज रहा है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की गई है। भारत ने आपदा से निपटने में हरसंभव सहायता जारी रखने की बात कही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बात कर संवेदना जताई और मदद का भरोसा दिया।
PM बालेन ने बाढ़ प्रभावित जिले का दौरा किया
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले का दौरा किया। उन्होंने बट्टार बाजार स्थित आर्मी ट्रेनिंग सेंटर पहुंचकर बाढ़ से बने हालात और जारी राहत-बचाव अभियान की जानकारी ली।
शव मिल रहे, रखने की जगह कम
नेपाल में रसुवा की बाढ़ के बाद 289 शव बरामद हो चुके हैं, लेकिन अब उन्हें सुरक्षित रखने की चुनौती है। चितवन की स्वास्थ्य सुविधाओं में करीब 50 शव रखने की क्षमता ही बताई गई है।
लंदन में नेपाली समुदाय ने शुरू की मदद
नेपाल में आई आपदा के बाद लंदन में रह रहे नेपाली समुदाय ने भी राहत कार्य शुरू किया है। प्लमस्टेड स्थित श्री पशुपतिनाथ मंदिर में बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए डोनेशन बॉक्स रखा गया है। मंदिर के पुजारी नील हरि ग्रिमियर की पहल पर लोग अपनी इच्छा से आर्थिक सहयोग कर रहे हैं।