Electricity : जल्द सस्ती होने वाली है बिजली, नए फार्मूले से सितंबर का बिल आएगा

रायपुर। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अब प्रत्येक महीने बिजली की कीमत तय होने के कारण इस बार जून की बिजली 8.41 फीसदी सस्ती हो गई है। बता दें कि प्रदेश में अब तक बिजली उपभोक्ताओं से वीसीए के स्थान पर उत्पादन लागत के अंतर की राशि को उपभोक्ताओं से वसूलने के लिए नया फार्मूला फ्यूल पॉवर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लागू है।

सबसे पहले पिछले साल अप्रैल में पहली बार नया फार्मूला लागू होने पर शुल्क 5.30 प्रतिशत लिया गया। इसके बाद मई में 10.29 प्रतिशत, जून में 14.23, जुलाई में 11.43, अगस्त में शुल्क 10.31 प्रतिशत रहा। सितंबर और अक्टूबर में विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण अगस्त का शुल्क लिया गया। बाद में सितंबर और अक्टूबर की कीमत तय होने पर इसका समायोजन किया गया।

नवंबर में शुल्क कम होकर 7.04 प्रतिशत हो गया। दिसंबर में यह शुल्क 6.30 प्रतिशत था। नए साल के पहले माह जनवरी में यह शुल्क 6.70 प्रतिशत, फरवरी में 10.12, मार्च 7.20 फीसदी, अप्रैल में 9.22 और मई में यह घटकर 9.10 फीसदी हो गया और अब जून में अब तक का सबसे कम 0.69 फीसदी हो गया है।

घरेलू उपभोक्ताओं को खपत के हिसाब से 100 से 600 यूनिट 33 पैसे से 45 पैसे यूनिट में राहत मिलेगी। 100 से 200 यूनिट पर 33 पैसे, 400 यूनिट की खपत पर 40 पैसे और 600 यूनिट की खपत पर 45 पैसे प्रति यूनिट पर जून की खपत में कम लगेंगे।

स्टील उद्योगों ने महंगी बिजली को लेकर उद्योग बंद कर दिए हैं। इस बीच जून के बिजली के लिए तय एफपीपीएएस के कारण अब स्टील उद्योगों को अगस्त में जो जुलाई का बिल आएगा उसमें जून की खपत पर एफपीपीएस लगेगा वह महज 0.69 प्रतिशत होने के कारण इनको 53 पैसे से ज्यादा प्रति यूनिट पर राहत मिलेगी।

स्टील उद्योग का टैरिफ 6.35 रुपए है। इसमें मई में 9.10 फीसदी के हिसाब से शुल्क लगा था तो 57 पैसे से ज्यादा प्रति यूनिट के लगे, लेकिन अब 53 पैसे कम होकर महज चार पैसे प्रति यूनिट पर लगेंगे।

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