भिलाई। राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (NDC) के “Understanding India Study Tour (UIST)” के तहत 16 सदस्यीय उच्चस्तरीय अध्ययन दल 19 मार्च को दुर्ग जिले के दौरे पर पहुंचा। दल ने भिलाई इस्पात संयंत्र के निरीक्षण के बाद भिलाई नगर थाना का भ्रमण किया और दुर्ग पुलिस की आधुनिक कार्यप्रणाली को करीब से समझा। बता दें कि इस दल में भारतीय सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ म्यांमार, जापान, बांग्लादेश, भूटान और ग्रीस के प्रतिनिधि भी शामिल हैं।
NDC के अधिकारियों ने बीएसपी और भिलाई नगर थाना में डिजिटल पुलिसिंग सिस्टम का अवलोकन किया
डिजिटाइजेशन में देश के लिए मॉडल: डॉ. अस्थाना
यह अध्ययन दल भारत की आंतरिक सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था एवं पुलिसिंग प्रणाली को समझने के उद्देश्य से विभिन्न संस्थानों का भ्रमण कर रहा है। इस मौके पर डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार अस्थाना ने दुर्ग जिले को डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में देश के लिए एक आदर्श मॉडल बताया। उन्होंने विशेष रूप से CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network System) में दुर्ग पुलिस को देश में नंबर वन बताते हुए इसकी सराहना की।
थाना व्यवस्था और कार्यप्रणाली की ली जानकारी
अध्ययन दल का स्वागत आईजी अभिषेक शांडिल्य और डीआईजी व एसएसपी विजय अग्रवाल ने किया। टीम ने थाना के बंदी गृह, ड्यूटी अफसर डेस्क, एफआईआर और रोजनामचा डायरी की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की पारदर्शिता और सुव्यवस्था की प्रशंसा की तथा पुलिसकर्मियों से कई तकनीकी सवाल भी किए।
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ई-साक्ष्य, ई-समंस और ICJS से बढ़ी पारदर्शिता
दुर्ग पुलिस द्वारा अपनाए गए डिजिटल नवाचारों में ई-साक्ष्य, ई-समंस और ICJS (Interoperable Criminal Justice System) प्रमुख रहे। इन माध्यमों से पुलिस, न्यायालय, जेल और फॉरेंसिक इकाइयों के बीच समन्वय बेहतर हुआ है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनी है।
CCTNS और तकनीकी नवाचारों की विस्तृत जानकारी
उप निरीक्षक (सायबर) डॉ. संकल्प राय ने अध्ययन दल को CCTNS के क्लाइंट-सर्वर मॉडल की जानकारी दी, जिसमें एफआईआर से लेकर केस डायरी तक की त्वरित एंट्री संभव है। साथ ही ‘त्रिनयन’ और ‘सशक्त’ जैसे एप्लीकेशनों की कार्यप्रणाली भी प्रस्तुत की गई।अध्ययन दल ने दुर्ग पुलिस के तकनीकी प्रयासों को आधुनिक पुलिसिंग की दिशा में उत्कृष्ट पहल बताया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे नवाचार अपराध नियंत्रण के साथ-साथ आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करते हैं।
डेलिगेशन में शामिल अधिकारी
दल के प्रमुख सदस्यों में अमनदीप सिंह कपूर, कर्नल लू ज़ॉ आंग (म्यांमार), ब्रिगेडियर मोहम्मद शाहिद अहमद, कर्नल उचिनो तोमोफुमी (जापान), ब्रिगेडियर कुंवर मानविजय सिंह राणा, सुप्रिया सुरेंद्रनाथ घाग, ब्रिगेडियर शिशिर थम्मैयाह, ब्रिगेडियर जनरल फेरदौस आरिफ अहमद (बांग्लादेश), ब्रिगेडियर केतन अरुण मोहिटे, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध चौहान, एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी एवं एयर कमोडोर श्रीमूलानाथन गिरीश शामिल हैं। इसके अतिरिक्त डॉ. राजेश कुमार अस्थाना को टूर कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दल में कर्नल समतेन चेयनोर (भूटान) और कर्नल कॉन्स्टेंटिनोस निरास (ग्रीस) भी शामिल हैं।