CG Prime News@रायपुर. Chhattisgarh Cabinet meeting छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और निवेश को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन में आयोजित बैठक में किसानों के लिए नई प्रोत्साहन योजना, राज्य की बिजली कंपनी को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने और खनिज परिवहन व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त करने जैसे प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।
बिजली कंपनी में आम जनता कर सकेगी निवेश
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के माध्यम से शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक सहमति दी है। सरकार का मानना है कि इससे कंपनी की वित्तीय क्षमता मजबूत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और आम निवेशकों को राज्य की प्रमुख सार्वजनिक कंपनी में निवेश का अवसर मिलेगा।
धान छोड़ दूसरी फसल पर मिलेगा प्रोत्साहन
खरीफ सीजन 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी गई है। इसके तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलें लगाने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जाएगी। योजना का लाभ डिजिटल क्रॉप सर्वे और किसान पोर्टल में पंजीयन के आधार पर प्रदान किया जाएगा।
पीडीएस हितग्राहियों को मिलता रहेगा चना
राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र परिवारों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी चना उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीद की अनुमति प्रदान की गई है।
चार प्रमुख शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। सरकार के अनुसार इससे प्रदूषण में कमी आएगी और शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक सुविधाजनक बनेगी।
योग शिक्षा और खनिज परिवहन में भी बदलाव
कैबिनेट ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन करने का निर्णय लिया है। वहीं खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य करने का फैसला लिया गया है।
विकास और पारदर्शिता पर सरकार का फोकस
सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा, निवेश के नए अवसर बनेंगे, सार्वजनिक परिवहन मजबूत होगा और खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही किसानों, निवेशकों और आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।