CG Prime News@भिलाई. भिलाई स्टील प्लांट (Bhilai steel plant) में 250 टन लौह स्क्रैप चोरी मामले में बीएसपी के एक जीएम और एक इंजीनियरिंग एसोसिएट को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया है। भिलाई तीन पुलिस ने प्लांट के एसएमएस 3 में पदस्थ जीएम हिमांशु भूषण मलिक और इंजीनियरिंग एसोसिएट मनोज देवांगन को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार बीएसपी के दोनों अधिकारियों की संलिप्तता लोहा चोरी मामले में मिली है। जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है। बीएसपी के दोनों अफसरों को भिलाई तीन पुलिस कोर्ट में पेश करने की तैयारी में जुटी है।
BSP में लोहा चोरी मामले में BSP GM और AGM गिरफ्तार
250 टन स्क्रैप जब्त, कीमत 90 लाख से अधिक
मामला 26 मई को सामने आया था, जब भिलाई-3 थाना क्षेत्र के अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स स्क्रैप यार्ड में पुलिस ने छापेमार कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान यार्ड और हाइवा वाहनों से करीब 250 टन लौह सामग्री बरामद की गई थी। पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये से अधिक है। जांच में पता चला कि फ्लाई एश परिवहन की आड़ में लोहे की प्लेट, बीम और अन्य स्क्रैप सामग्री चोरी कर बाहर भेजी जा रही थी। वाहनों में ऊपर फ्लाई एश और नीचे स्क्रैप छिपाकर ले जाया जाता था। गिरफ्तार चालकों ने पूछताछ में स्वीकार किया था कि वे 30 से 40 बार इसी तरीके से स्क्रैप बाहर निकाल चुके हैं।
अब तक 13 आरोपी गिरफ्तार
भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में हुए संगठित लोहा चोरी कांड में पुलिस ने अब तक मुख्य मास्टरमाइंड संजय सिंह समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह सिंडिकेट फ्लाई-ऐश (fly-ash) की आड़ में ट्रकों में छिपाकर और भारी वाहनों के पहियों को कम करके लगभग 250 टन लोहा (कीमत 90 लाख रुपये) बाहर ले जा रहा था।
गिरफ्तारियां व बरामदगी
पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय सिंह को उत्तर प्रदेश के देवरिया से और अन्य को दुर्ग क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। अभी तक 250 टन से अधिक स्टील प्लेट, बीम और अन्य स्क्रैप सामग्री बरामद की गई है।
चोरी का तरीका (Modus Operandi)
तस्करों ने ट्रकों में खास छिपे हुए खांचे (secret chambers) बना रखे थे। वे वजन में हेरफेर करने के लिए ट्रकों के पहियों तक निकाल लेते थे ताकि वजन बराबर रहे और ऊपर फ्लाई-ऐश लादकर आसानी से गेट से बाहर निकल जाते थे।
बड़े राजनेताओं के आरोप
वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन ने प्लांट के मेन गेट से आरोप लगाया कि यह चोरी 40 सालों से चल रही है, जिसमें 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोहा गायब हुआ है। उन्होंने मिलीभगत की आशंका जताते हुए केंद्रीय स्तर की जांच की मांग की है।