CG Prime News@भिलाई. दुर्ग जिले के भिलाई की एक महिला को पूजा-पाठ, शेयर ट्रेडिंग और पारिवारिक समस्याएं दूर करने का झांसा देकर लगभग 85 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को भिलाई नगर थाना पुलिस ने इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर पीडि़त महिला से किस्तों में रकम लिया था। राशि वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देकर अवैध वसूली करने लगा था।
पारिवारिक कार्यक्रम में हुई थी पहचान
पीडि़त महिला ने भिलाई नगर थाने में शिकायत में बताया कि 2023 में रायपुर में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान उसकी पहचान पवन बधोरिया से हुई। बातचीत के दौरान प्रार्थिया ने अपनी पारिवारिक समस्याओं की जानकारी दी। जिस पर आरोपी ने पूजा-पाठ कराकर समस्याओं का समाधान कराने का विश्वास दिलाया। इसके बाद आरोपी ने पूजा-पाठ, स्वयं के निजी खर्च और शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराने के नाम पर विभिन्न किस्तों में लगभग 85 लाख रुपए प्राप्त किए।
दो साल तक नहीं मिला लाभ
करीब दो वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई लाभ नहीं मिलने पर पीडि़ता द्वारा अपनी राशि वापस मांगने पर आरोपी ने नौकरी लगवाने का झांसा दिया। बाद में जान से मारने की धमकी देकर राशि वापस करने से इंकार किया। जांच में डरा-धमकाकर अवैध वसूली किए जाने के तथ्य पाए जाने पर प्रकरण में धारा 308(3) बीएनएस भी जोड़ी गई। पीडि़त की रिपोर्ट पर थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 343/2026 अंतर्गत धारा 318(4), 351(3), 308(3) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
इंदौर से किया पुलिस ने गिरफ्तार
विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश के लिए थाना भिलाई नगर की टीम गठित कर इंदौर (मध्यप्रदेश) रवाना किया गया। टीम द्वारा आरोपी को इंदौर से अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। जिसमें आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से बैंक खाते से लिंक मोबाइल फोन और आधार कार्ड जब्त किया गया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
इस आरोपी को किया गिरफ्तार
1. पवन बधोरिया, उम्र 43 वर्ष, निवासी नेचर सिटी, उसलापुर, थाना सकरी, जिला बिलासपुर (छ.ग.) एवं फ्लैट क्रमांक 601, बी-09, सतपुड़ा परिसर, थाना गांधी नगर, जिला इंदौर (मध्यप्रदेश)।
जब्त सामग्री
1. बैंक खाते से लिंक एक मोबाइल फोन।
2. आधार कार्ड।
इस टीम ने आरोपी को पकड़ा
इस कार्रवाई में थाना भिलाई नगर के थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका रही।