CG Prime News@भिलाई. भिलाई स्टील प्लांट (Bhilai steel plant) में 250 टन लोहा चोरी मामले में भिलाई तीन थाना पुलिस ने भाजपा नेता भास्कर मुदलियार को शनिवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी भाजपा नेता वैशाली नगर निवासी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया है।
चोरी का लोहा खरीदता था आरोपी
भिलाई तीन थाना पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में चोरी का लोहा खरीदना स्वीकार किया है। वह चोरों से चोरी का लोहा खरीदकर बड़ी-बड़ी कंपनियों में बेच देता था। आरोपी को रिमांड में लेकर उन कंपनियों की भी जांच की जाएगी जिन्हें चोरी का लोहा बेचा गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड में लेने की तैयारी कर रही है।
Breaking: BSP में लोहा चोरी के आरोप में BJP नेता गिरफ्तार, पुलिस ने कोर्ट में किया पेश
वैशाली नगर विधायक ने पोस्टर हटाने के लिए कहा
इधर वैशाली नगर विधायक ने अपने जन्मदिन के अवसर पर आरोपी भाजपा नेता के द्वारा लगाए गए पोस्टर को लेकर सोशल मीडिया में एक पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि कुछ अपराधियों ने पोस्टर लगा दिए हैं। मेरे जन्मदिन के पोस्टर उतार लो नहीं तो अपराध दर्ज होगा।
एक जीमए और दो एजीएम गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट में 250 टन से अधिक के बहुचर्चित लोहा व स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस अब तक 16 आरोपियों की गिरफ्तार कर चुकी है। दुर्ग पुलिस की कार्रवाई में बीएसपी के एक जनरल मैनेजर (जीएम) स्तर के अधिकारी समेत दो उच्च पदस्थ कर्मियों और मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में सुरक्षा में बड़ी चूक को लेकर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 7 जवानों को निलंबित भी कर दिया गया है।
सिंडिकेट बनाकर रची पूरी साजिश
बीएसपी में 250 टन लोहा चोरी करने वाले सिंडिकेट को लेकर नया खुलासा हुआ है। प्लांट से लोहा चोरी करने के लिए बाकायदा बड़ी प्लानिंग की गई थी। इसके तहत कई ट्रकों को पहले से प्लांट के अंदर के काम के लिए लगाया गया था। इसी तरह जेसीबी समेत अन्य मशीनों को ठेके में भेजा गया था।
जीपीएस बदलने का खेल चला
राखड़ (फ्लाई-एश) के नीचे लोहे से भरे ट्रक को प्लांट से बाहर निकालने के लिए टाइमिंग भी फिक्स थी। ट्रांसपोर्टर के कर्मचारी तय करते थे कि प्लांट के भीतर कौन से गाड़ी जाएगी। चोरी का लोहा जैसे ही बाहर निकलता था। उसे गोदाम से दूसरे ट्रक में शिफ्ट करके सांठगांठ वाले उद्योगों तक पहुंचा दिया जाता था। बड़ी बात यह है कि इस काले कारोबार के लिए नंबर और जीपीएस बदलने का खेल तक चलता था।
मुख्य सरगना को मिला था डस्ट उठाने का कांट्रैक्ट
सरगना संजय सिंह और उसकी गैंग को दो तरह के डस्ट उठाने का कांट्रैक्ट मिला था। इनमें एक ईएसपी और दूसरा फ्लू डस्ट था। इन्हीं दोनों की आड़ में लोहा चोरी किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार प्रतिदिन 20 में से तीन गाडिय़ों में चोरी का लोहा बाहर निकाला जाता था। बता दें कि मामले में अब तक पुलिस 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
ट्रांसपोर्टर के कर्मचारी करते थे रैकी पुलिस का दावा है कि लोहा चोरी की पूरी प्लानिंग संजय सिंह ने की है। इस वजह से उसे गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। संजय ने प्लानिंग के तहत कई ट्रक और मशीनें छोटे-मोटे कामों के लिए प्लांट के अंदर ठेके पर लगा रही है।