दुर्ग. यातायात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सख्त अभियान और जागरूकता कार्यक्रमों का सकारात्मक असर अब साफ दिखने लगा है। वर्ष 2026 के जनवरी से अप्रैल तक जिले में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 44 की कमी दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28.57 प्रतिशत कम है।
कार्रवाई और आंकड़ों का असर
Durg Police के अनुसार, इस अवधि में बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 26,803 चालकों पर कार्रवाई की गई। वहीं शराब पीकर वाहन चलाने वाले 1,087 लोगों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए गए, जो वर्ष 2025 की तुलना में करीब 298% अधिक है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि नियमों के उल्लंघन पर लगातार सख्ती बरती जा रही है।
“सुरक्षा चौक” से बढ़ी निगरानी
जिले के 7 प्रमुख चौकों को “सुरक्षा चौक” के रूप में विकसित किया गया है, जहां दो पालियों में लगातार चेकिंग और समझाइश की कार्रवाई की जा रही है। इस पहल से दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाने में मदद मिली है।
इंजीनियरिंग सुधार और जागरूकता
सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकों के जरिए ब्लैक स्पॉट और ग्रे स्पॉट पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 330 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से करीब 96,660 लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया है।
संयुक्त प्रयास से मिली सफलता
इस उपलब्धि में यातायात पुलिस, थाना स्टाफ और पेट्रोलिंग टीमों की अहम भूमिका रही है। सभी इकाइयों ने मिलकर लगातार अभियान चलाया, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आई।
पुलिस की अपील
Durg Police ने नागरिकों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय हेलमेट और सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा शराब सेवन कर वाहन न चलाएं। नियमों का पालन कर अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।