CG Prime News@अयोध्या. अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। ट्रस्ट की लगभग तीन घंटे चली बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
‘जब तक आरोपी नहीं पकड़े जाते, पद पर रहना उचित नहीं’
बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि चंपत राय ने स्वयं कहा कि जब तक चढ़ावा चोरी के आरोपी गिरफ्तार नहीं हो जाते, तब तक उनके लिए पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद और शर्मनाक बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रबंधन की कमियां दूर करने का भरोसा
नवनियुक्त कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि इस घटना ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में मौजूद कुछ कमियों को उजागर किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रबंधन और संचालन में जहां भी खामियां हैं, उन्हें जल्द दूर किया जाएगा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
‘समाज का विश्वास फिर से कायम करेंगे’
कृष्ण मोहन ने कहा कि इस घटना से ट्रस्ट की छवि प्रभावित हुई है और श्रद्धालुओं के मन में अविश्वास पैदा हुआ है। उनका प्रयास रहेगा कि ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करे। मंदिर में मिलने वाले दान, चढ़ावा और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से सार्वजनिक की जाएगी। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि केवल अधिकृत जानकारी के आधार पर ही समाचार प्रकाशित किए जाएं।
कोषाध्यक्ष बोले- दोषियों को मिलेगी सख्त सजा
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने कहा कि इस मामले को लेकर कई तरह की भ्रामक बातें फैलाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और यदि किसी श्रद्धालु को कोई शिकायत या सवाल है तो वह ट्रस्ट कार्यालय में आकर अपनी बात रख सकता है। सभी प्रश्नों का पारदर्शी तरीके से उत्तर दिया जाएगा।