CG Prime News@भिलाई.Bhilai Municipal Corporation Election 2026, भिलाई नगर निगम चुनाव 2026 को लेकर बुधवार को 70 वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई। इसके साथ ही आगामी निकाय चुनाव की राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। आरक्षण की घोषणा के बाद कई मौजूदा पार्षदों और चुनाव की तैयारी कर रहे नेताओं के समीकरण बदल गए हैं। कुछ नेताओं को अब अपने वार्ड के बजाय दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने की रणनीति बनानी पड़ सकती है।
23 वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित
भिलाई नगर निगम के 70 वार्डों में कुल 23 वार्ड अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें 8 वार्ड ओबीसी महिला और 15 वार्ड ओबीसी सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं। वहीं 3 वार्ड अनुसूचित जनजाति (ST) और 9 वार्ड अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित किए गए हैं।इसके अलावा 24 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं। सामान्य वर्ग के इन वार्डों में 11 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। आरक्षण की पूरी प्रक्रिया सिविक सेंटर स्थित कला मंदिर में आयोजित की गई।
2011 की जनगणना को बनाया आधार
आरक्षण प्रक्रिया की अध्यक्षता दुर्ग कलेक्टर अभिजित सिंह ने की। प्रशासन ने वार्डों के आरक्षण के लिए वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया। इससे पहले नगर निगम स्तर पर प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या और एससी-एसटी आबादी से संबंधित आंकड़े तैयार किए गए थे।
सिटिंग पार्षदों के सामने नई चुनौती
आरक्षण की तस्वीर सामने आने के बाद सबसे ज्यादा असर उन मौजूदा पार्षदों और नेताओं पर पड़ा है, जो लंबे समय से अपने-अपने वार्ड में चुनाव की तैयारी कर रहे थे। वार्ड के आरक्षण की स्थिति बदलने से कई सिटिंग पार्षदों को अब दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने की संभावनाएं तलाशनी पड़ सकती हैं। राजनीतिक दलों के सामने भी टिकट वितरण और उपयुक्त प्रत्याशियों के चयन की चुनौती बढ़ गई है।
कांग्रेस ने SC-ST आरक्षण पर जताई आपत्ति
भिलाई कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने आरक्षण प्रक्रिया को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की बात कही है। उनका कहना है कि 2011 की जनगणना के आधार पर पहले हुए आरक्षण और बाद के परिसीमन के बीच आरक्षण में हुए बदलाव को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। चंद्राकर के मुताबिक एससी-एसटी के 9 वार्डों के आरक्षण में बदलाव को लेकर उनकी आपत्ति है। उन्होंने इसे आरक्षण की चक्रिय व्यवस्था से जोड़ते हुए आपत्ति दर्ज कराने की बात कही। हालांकि उन्होंने कहा कि आपत्ति के निराकरण का जवाब देखने के बाद ही इस मामले में स्पष्ट टिप्पणी की जाएगी।
युवाओं और महिलाओं को भी चुनाव में मौका देने के संकेत दिए
वहीं भाजपा ने सभी 70 वार्डों में चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही है। भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि वार्ड आरक्षण बदलना प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा है। पार्टी कार्यकर्ता आधारित संगठन है और हर वार्ड में उसके कार्यकर्ता मौजूद हैं। टिकट वितरण के दौरान सक्रिय और मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को अवसर दिया जाएगा। भाजपा ने युवाओं और महिलाओं को भी चुनाव में मौका देने के संकेत दिए हैं। पार्टी नेतृत्व ने निकाय चुनाव में जीत का दावा करते हुए महापौर, एमआईसी और अधिक से अधिक पार्षदों को जिताकर शहर में ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार बनाने का लक्ष्य बताया है।