जय प्रकाश गांधी समेत 14 के खिलाफ पूरक चार्जशीट
रायपुर | Bharatmala compensation scam: ED attaches 62 properties worth ₹12.78 crore. प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर–विशाखापट्टनम राष्ट्रीय राजमार्ग के भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 12.78 करोड़ रुपये मूल्य की 62 चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इन संपत्तियों में करीब 4.69 करोड़ रुपये के शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश भी शामिल हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।
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जय प्रकाश गांधी समेत 14 आरोपियों पर पूरक अभियोजन शिकायत
ईडी ने इस मामले में जय प्रकाश गांधी और 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए न्यायालय, रायपुर में पूरक अभियोजन शिकायत (Supplementary Prosecution Complaint) भी दाखिल की है। जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
जांच में सामने आया जमीन के टुकड़े कर अधिक मुआवजा लेने का तरीका
ईडी की जांच के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद कुछ भूमि मालिकों, बिचौलियों और राजस्व अधिकारियों ने कथित मिलीभगत से जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित किया। बिक्री व उपहार (Gift Deed) के माध्यम से परिवार के सदस्यों के नाम पर अलग-अलग हिस्से दर्ज कराकर अधिक दर से मुआवजा प्राप्त किया गया।
56 लाख की जगह मिले 9.83 करोड़ रुपये
जांच में यह भी सामने आया कि जय प्रकाश गांधी और उनके परिवार को वास्तविक पात्रता के अनुसार लगभग 56.76 लाख रुपये का मुआवजा मिलना था, लेकिन कथित तौर पर उन्हें 9.83 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। ईडी का दावा है कि इस प्रक्रिया से करीब 9.27 करोड़ रुपये की अवैध आय (Proceeds of Crime) उत्पन्न हुई, जिसे बाद में संपत्तियों, शेयरों, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय निवेशों में लगाया गया।
इसी मामले में उमा तिवारी पर भी फर्जी राजस्व अभिलेखों के आधार पर स्वयं को मृत भूमि स्वामी की दत्तक पुत्री बताकर लगभग 2.13 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त करने का आरोप है।
पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
ईडी ने बताया कि इस प्रकरण में पहले भी तलाशी अभियान चलाकर 49 लाख रुपये नकद और लगभग 37.13 किलोग्राम चांदी जब्त की गई थी। इसके अलावा कथित भूमि ब्रोकर सिंडिकेट की 23.35 करोड़ रुपये की संपत्तियां पहले ही अटैच की जा चुकी हैं। ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में कुल अटैच संपत्तियों का मूल्य बढ़कर करीब 36.14 करोड़ रुपये हो गया है।
जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले की आगे की जांच जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।