CG Prime News@दिल्ली. US-Iran War: Agreement on Ceasefire अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग में सीजफायर पर सहमति बन गई है। दोनों देशों ने 40 दिन से जारी जंग के बाद 2 सप्ताह के सीजफायर की घोषणा की है। सीजफायर से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो वह उसकी पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे। उन्होंने अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की भी धमकी दी थी।
पाकिस्तान ने की मध्यस्थता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा सीजफायर का यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह डील पाकिस्तान की मध्यस्थता और आखिरी समय में चीन के दखल से संभव हो पाई।
जहाजों की सुरक्षित आवाजाही होगी सुनिश्चित
पाकिस्तान ने 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया। समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे। ईरान भी हमले बंद करेगा। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल, गैस और अन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना की मदद से सुनिश्चित की जाएगी।
अमेरिका-ईरान जंग, युद्ध के 40 दिन बाद सीजफायर पर सहमति, दो सप्ताह नहीं करेंगे हमले
सीजफायर के बाद ईरान में फिर से हमला
ईरान में सीजफायर के बाद फिर से हमला हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में लवन आइलैंड पर स्थित एक तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया है। यह हमला लोकल समय के मुताबिक सुबह करीब 10 बजे हुआ। हमले के बाद रिफाइनरी में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए तुरंत फायर ब्रिगेड और सुरक्षा टीमों को भेजा गया।
ओमान ने टोल टैक्स वसूलने की ईरानी मांग का विरोध किया
ओमान ने ईरान की उस मांग का विरोध किया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाने की बात कही गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओमान ने कहा कि होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते पर किसी भी तरह का टोल नहीं लगाया जा सकता। यह एक ‘इंटरनेशनल वाटरवे’ है, जहां से सभी देशों के जहाजों को बिना रुकावट और बिना शुल्क के गुजरने का अधिकार है।
अमेरिका को 10 पॉइंट का प्लान भेजा
ट्रम्प ने बताया कि ईरान ने अमेरिका को 10 पॉइंट का प्लान भेजा है। उन्होंने कहा कि इस पर आगे बातचीत की जा सकती है। वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसका 10 पॉइंट प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। काउंसिल के मुताबिक यह समझौता ईरान की शर्तों पर हुआ है और इसे देश की जीत बताया है।