साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 14 म्यूल खाताधारकों पर कार्रवाई

दुर्ग: साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 14 म्यूल बैंक खाताधारक गिरफ्तार 

दुर्ग। साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम के लेन-देन में सहयोग करने वाले 14 खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। इनमें थाना नेवई क्षेत्र के 11 और थाना छावनी क्षेत्र के तीन लोग शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना छावनी, थाना नेवई और एसीसीयू की टीम ने कई बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान ऐसे खातों की जानकारी सामने आई, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को दूसरे खातों में भेजने और उसका लेन-देन करने के लिए किया गया था।

कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध

जांच में पुलिस को पता चला कि कुछ खाताधारकों ने कमीशन या अन्य आर्थिक लाभ के लालच में अपने बैंक खाते दूसरे लोगों को उपलब्ध कराए थे। इसके साथ ही पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड भी दिए गए थे। पुलिस के मुताबिक, कुछ बैंक खाते करीब ₹2 हजार से ₹15 हजार तक के कमीशन के बदले उपलब्ध कराए गए थे।

इन खातों में साइबर ठगी से जुड़ी करोड़ों रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि के लेन-देन का पता चला है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर 29 सितंबर को कार्रवाई की। थाना नेवई में 11 और थाना छावनी में तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

पासबुक, एटीएम और मोबाइल जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध कराए गए बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।

संबंधित मामलों में थाना छावनी अपराध क्रमांक 626/2026 और थाना नेवई अपराध क्रमांक 306/2026 के तहत बीएनएस की धारा 318(2), 318(3) और 317(4) में कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने लोगों को किया सावधान

दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे कमीशन या किसी अन्य लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक या मोबाइल सिम किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें। पुलिस ने चेताया है कि यदि ऐसे खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में होता है तो खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

पुलिस ने नागरिकों से संदिग्ध बैंकिंग गतिविधि की जानकारी तत्काल संबंधित बैंक, नजदीकी पुलिस थाना या आधिकारिक साइबर अपराध माध्यम को देने की अपील की है।

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