SSP ने किया आरक्षक को बर्खास्त, गांजा तस्करी में गिरफ्तारी

दुर्ग। थाना पुरानी भिलाई में पदस्थ आरक्षक विजय धुरंधर (क्रमांक 1654) को दुर्ग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने गंभीर कदाचार के मामले में सेवा से बर्खास्त कर दिया है। आरक्षक धुरंधर को एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज प्रकरण में गिरफ्तार किए जाने के बाद पहले निलंबित किया गया था। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर अब उन्हें पदच्युत कर दिया गया है।

एक्सयूवी वाहन से मिला गांजा, बोरी छिपाने का आरोप

जानकारी के अनुसार आरक्षक विजय धुरंधर उस समय भिलाई-3 थाना में पदस्थ थे और उनकी ड्यूटी डायल-112 वाहन में थी।
इसी दौरान एक इवेंट में सूचना मिली कि एक एक्सयूवी वाहन में गांजा भरा हुआ है। जांच में वाहन से तीन बोरियां बरामद हुईं।

पुलिस के मुताबिक, इनमें से लाल रंग की बोरी, जिसमें तीन पैकेट गांजा था, को आरक्षक विजय धुरंधर और डायल-112 चालक अनिल कुमार टंडन ने मिलकर पास की झाड़ियों में छिपा दिया। बाद में दोनों ने यह बोरी आरोपी चालक टंडन के गांव औंधी स्थित घर में जाकर छुपा दी।

निशानदेही पर झाड़ियों से बरामद हुआ गांजा

मामला खुलने के बाद आरोपी अनिल कुमार टंडन की निशानदेही पर छिपाया गया गांजा बरामद किया गया। मामले में थाना पुरानी भिलाई में अपराध क्रमांक 126/2025, धारा 20(बी)(II)(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरक्षक विजय धुरंधर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।

कदाचार साबित होने पर सेवा से पदच्युत

दुर्ग SSP विजय अग्रवाल ने बताया कि आरक्षक धुरंधर ने

  • पुलिस रेगुलेशन के पैरा 64(2)(3) व 596,

  • तथा म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 का उल्लंघन किया है।

इसी आधार पर संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया है।

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