CG Prime News@दिल्ली. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार रही मीनाक्षी नटराजन की याचिक को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया है। मीनाक्षी ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन रद्द किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एएस चंदूरकर की बेंच ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 329 चुनाव प्रक्रिया में अदालतों के हस्तक्षेप को सीमित करता है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट इस मामले में रिट पिटीशन पर सुनवाई नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सीधे रिट याचिका नहीं सुनी जा सकती। अगर उन्हें फैसले पर आपत्ति है तो वे चुनाव याचिका दायर करें।
पहले वोट चोरी होती थी इस बार सीट चोरी
दरअसल, मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल भी था, लेकिन 9 जून को मीनाक्षी का नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया। इसके खिलाफ कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। याचिका खारिज होने पर मीनाक्षी ने कहा कि पहले वोट चोरी होती थी, इस बार सीट चोरी हुई।
सुप्रीम कोर्ट ने नहीं की टिप्पणी
इधर याचिका की सुनवाई के दौरान नामांकन रद्द करने का फैसला सही था या गलत, अदालत ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। कोर्ट ने कहा-चुनाव से जुड़े ऐसे विवादों का समाधान चुनाव याचिका के जरिए किया जाना चाहिए। मीनाक्षी नटराजन चाहें तो चुनाव याचिका दाखिल कर इस फैसले को चुनौती दे सकती हैं।
शुक्रवार को कांग्रेस ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।
मेरे खिलाफ मात्र एक लीगल नोटिस है
शुक्रवार को कांग्रेस ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। इसमें मीनाक्षी नटराजन ने कहा- मेरे खिलाफ मात्र एक लीगल नोटिस है। उसकी पूरी जानकारी मैंने मेरे ईसीआई मेमोरेंडम में दी है। जिस पर आज तक अदालत ने संज्ञान नहीं लिया। फार्म 26 में ऐसा कोई कॉलम नहीं है, जिसमें लिखा जाए कि प्राइवेट कम्पलेंट के बारे में सूचना दीजिए। अगर कोई ऐसा कॉलम होता तो हम यह सूचना जरूर देते।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- जब किसी ने रिटर्निंग अफसर से पूछा कि आपने ऐसा क्यों किया तो वे बोले कि मुझे नौकरी करना है। वो रिटर्निंग ऑफिसर भी मानता है कि उसने दबाव में गलती की है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में गलत जानकारी दी। स्पष्ट है कि आयोग लोकतंत्र का गला घोंटने का काम कर रहा है।
नेताओं की पुलिस से झड़प
दिल्ली पहुंचे मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए सड़क पर बैरिकेडिंग कर दी। कांग्रेस नेता इस पर चढ़ गए तो पुलिस से उनकी झड़प हो गई। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत तमाम नेताओं को हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।