बिहार में राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस

बिहार में राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस, 28 साल से रह रहा लालू परिवार

CG Prime News@दिल्ली. Rabri Devi served notice to vacate government residence in Bihar बिहार में 28 साल बाद लालू परिवार को राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस मिला है। भवन निर्माण विभाग ने नोटिस भेजकर 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने को कहा है। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बिहार विधान परिषद के आवासन के लिए पटना केन्द्रीय पुल की आवास संख्या 39 हार्डिंग रोड अलॉट किया गया है। अब राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास को खाली करना होगा।

बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री, यहीं से चलती थी सरकार

राबड़ी देवी ने 25 जुलाई 1997 को लालू प्रसाद यादव के चारा घोटाले मामले में इस्तीफे के बाद बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उसी समय यह सरकारी आवास (तत्कालीन CM आवास) उन्हें आवंटित हुआ। लालू ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां भी इसी आवास से संचालित कीं। इसे लोग राबड़ी आवास इसलिए कहते हैं क्योंकि उस दौरान बिहार की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी थीं और पूरा प्रशासनिक तंत्र इसी बंगले से चलता दिखता था।

रोते-रोते रोहिणी ने छोड़ा था राबड़ी आवास

इससे पहले 15 नवंबर की देर रात लालू यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी ने रोते-रोते राबड़ी आवास भी छोड़ दिया था। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी ने कहा, ‘मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। सारी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ है, लेकिन उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है। तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए रोहिणी ने कहा- ‘ये सवाल अब तेजस्वी यादव से पूछिए। सवाल पूछोगे तो गाली दी जाएगी, चप्पल से मारा जाएगा।

लालू जेल गए थे तो राबड़ी को CM बनाया था

23 जून, 1997 को लालू समेत 55 लोगों के खिलाफ CBI ने चारा घोटाला मामले में चार्जशीट दाखिल की। उनके खिलाफ 63 केस दर्ज किए गए। लालू समझ गए थे कि गिरफ्तारी तय है। 25 जुलाई 1997 की शाम उन्होंने इस्तीफे का ऐलान किया और पत्नी राबड़ी देवी को सीएम बनवाया। बाद में एक बार जब लालू से वंशवाद पर पूछा गया, तो उन्होंने कहा था, ‘मैं राजनीति में शक्ति अर्जित करने के लिए आया हूं और मैं उसे सिर्फ इसलिए नहीं त्याग दूंगा, क्योंकि किसी ने मेरे ऊपर आरोप लगाए हैं। अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाकर मैंने क्या गलती कर दी? क्या मैं अपनी सत्ता अपने राजनीतिक विरोधियों के हाथों में सौंप देता? पत्नी को CM बनाने के बाद 30 जुलाई, 1997 को लालू यादव ने चारा घोटाला मामले में सरेंडर किया और दिसंबर 1997 तक जेल में रहे। हालांकि लालू यादव RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहे। इसके बाद से राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास अलॉट किया गया था।

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