CG Prime News@दिल्ली. Several Rules Change from June 1: Commercial Gas Cylinders Become More Expensive 1 जून 2026 से देशभर में कई महत्वपूर्ण आर्थिक और उपभोक्ता संबंधी बदलाव लागू हो गए हैं। इनमें कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (LPG Gas Cylinder) की कीमतों में बढ़ोतरी, पेट्रोल-डीजल और विमानन ईंधन (ATF) पर निर्यात शुल्क में संशोधन तथा सब्सिडी वाले सोलर पैनलों के लिए नए मानकों को लागू करना शामिल है। इन फैसलों का प्रभाव व्यापारिक गतिविधियों, ऊर्जा क्षेत्र और आम उपभोक्ताओं पर देखने को मिलेगा।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा
सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 53.50 रुपए तक की बढ़ोतरी की है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 3,113.50 रुपए में उपलब्ध होगा। इससे पहले इसकी कीमत 3,071.50 रुपए थी। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की परिचालन लागत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
5 किलो का छोटू सिलेंडर भी महंगा
फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) श्रेणी के 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपए की वृद्धि की गई है। नई कीमत 821.50 रुपए निर्धारित की गई है। यह सिलेंडर आमतौर पर प्रवासी मजदूरों, छात्रों और छोटे कारोबारियों द्वारा उपयोग किया जाता है। हालांकि नियमित घरेलू कनेक्शन के तहत मिलने वाले 5 किलो सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पेट्रोल, डीजल और ATF पर नई एक्सपोर्ट ड्यूटी
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर संशोधित शुल्क लागू किया है। नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पर 1.5 रुपए प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपए प्रति लीटर और ATF पर 9.5 रुपए प्रति लीटर की एक्सपोर्ट ड्यूटी तय की गई है। सरकार का उद्देश्य वैश्विक बाजार और घरेलू आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखना बताया जा रहा है।
सोलर पैनलों के लिए लागू हुए सख्त नियम
रूफटॉप सोलर और नेट-मीटरिंग परियोजनाओं में अब केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निर्माताओं के सोलर पैनलों का उपयोग किया जा सकेगा। इस कदम से प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण उपकरणों को बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती लागत बढ़ सकती है, लेकिन उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन, सुरक्षा और वारंटी का लाभ मिलेगा।
ऊर्जा और उपभोक्ता क्षेत्र पर रहेगा असर
विशेषज्ञों के अनुसार जून से लागू हुए ये बदलाव ऊर्जा क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार और राजस्व संतुलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। हालांकि कॉमर्शियल गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर खाद्य सेवाओं और छोटे व्यवसायों पर पड़ सकता है।