उपार्जन केंद्रों से 1.45 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव

दुर्ग जिले के उपार्जन केंद्रों में तेज गति से हो रहा धान का उठाव

सुचारू नीति से धान खरीदी में आई तेजी

दुर्ग। राज्य सरकार की किसान हितैषी, सुचारू और पारदर्शी नीति के चलते दुर्ग जिले में धान खरीदी और उपार्जन केंद्रों से धान उठाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। सरल टोकन व्यवस्था और तय समय पर भुगतान से किसानों में विश्वास बढ़ा है, जिसके चलते वे निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुंचकर अपनी उपज विक्रय कर रहे हैं।

अब तक 3.81 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी

जिले में अब तक 90,556.49 लाख रुपये की लागत से 3,81,992.64 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। समय पर ऑनलाइन भुगतान की सुविधा से 69,995 किसान सीधे लाभान्वित हुए हैं। किसानों को कुल 84,921.44 लाख रुपये का भुगतान उनके खातों में ऑनलाइन किया गया है।

उपार्जन केंद्रों से उठाव में आई रफ्तार

धान उठाव की प्रक्रिया भी लगातार तेज हो रही है। जिले में उठाव के लिए 2,31,011.74 मीट्रिक टन धान का डीओ जारी किया गया, जिसमें से अब तक 1,45,118.52 मीट्रिक टन धान का सफलतापूर्वक उठाव किया जा चुका है। इससे केंद्रों पर भंडारण का दबाव भी कम हुआ है।

रकबा समर्पण से बिचौलियों पर लगाम

सरकारी व्यवस्था से संतुष्ट होकर धान बेच चुके 39,377 किसानों ने 982.01 हेक्टेयर रकबा समर्पण किया है। इससे बिचौलियों द्वारा अवैध रूप से धान खपाने की संभावनाओं पर प्रभावी रोक लगी है।

बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता

जिला प्रशासन द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केंद्रों में समुचित इंतजाम किए गए हैं। वर्तमान में 28,43,883 बारदाने उपलब्ध हैं, जिससे धान खरीदी कार्य सुचारू रूप से जारी है।

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