JSSC CGL विवाद: 17वें दिन छात्रों का विस घेराव, रांची में कड़ा सुरक्षा घेरा

JSSC CGL विवाद को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का विधानसभा घेराव, रांची में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

CG Prime News/रांची। SSC CGL Controversy: Students lay siege to the Legislative Assembly on the 17th day; tight security cordon in Ranchi. झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितता के विरोध में छात्रों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन भी जारी है। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच रविवार को तीसरे दौर की बातचीत हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच प्रमुख मांगों को लेकर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।

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JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की मांग

प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने और नियुक्ति परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। विधानसभा मार्च के लिए बड़ी संख्या में छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे हैं। यहां से छात्र विधानसभा की ओर बढ़ने की तैयारी में हैं। आंदोलन को देखते हुए राजधानी में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

विधानसभा के आसपास धारा 163 लागू

छात्रों के विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने नव-निर्मित विधानसभा परिसर के आसपास के 750 मीटर क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की है। प्रशासन की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

छह स्थानों पर बैरिकेडिंग, कंटीले तार लगाए

विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया गया है। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए रास्ते में छह स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। प्रमुख बैरिकेडिंग प्वाइंट पर कंटीले तार भी लगाए गए हैं। पुलिसकर्मियों की तैनाती सुबह सात बजे से ही शुरू कर दी गई थी।

छात्रों के मार्च पर प्रशासन की नजर

छात्र आंदोलन के कारण रांची में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रशासन की विशेष नजर है। पुलिस और जिला प्रशासन प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर निगरानी रख रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। छात्रों और सरकार के बीच वार्ता विफल रहने के बाद अब सभी की नजर विधानसभा घेराव पर है। आंदोलनकारी अपनी दोनों प्रमुख मांगों पर सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

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