6 जिलों में चोरी की वारदातों का खुलासा
बलौदाबाजार-भाटापारा। Inter-district bike theft gang busted; 6 stolen motorcycles recovered. जिले में पुलिस ने अंतरजिला वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना कसडोल और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से चोरी की छह मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। इनकी कुल कीमत करीब 1 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह द्वारा बलौदाबाजार, रायपुर, महासमुंद और जांजगीर-चांपा जिले के अलग-अलग स्थानों से दोपहिया वाहन चोरी किए गए थे। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है। उसकी तलाश जारी है।
अर्जुनी से बाइक चोरी के बाद शुरू हुई जांच
मामला 19 मार्च 2026 का है। ग्राम अर्जुनी निवासी 54 वर्षीय चैतुसिंग पैकरा ने थाना कसडोल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रात करीब 12 बजे उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल घर के सामने खड़ी की थी। कुछ देर बाद बाइक गायब मिली। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी जांच से हैदराबाद तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान कसडोल पुलिस और साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण के साथ मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी बीच पुलिस को मुख्य आरोपी खगेश कुमार निर्मलकर उर्फ चांटी के हैदराबाद में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने हैदराबाद पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खगेश और उसके साथी यश कुमार साहू की संलिप्तता सामने आई। पुलिस के अनुसार, दोनों ने एक अन्य फरार साथी के साथ मिलकर अलग-अलग स्थानों से छह दोपहिया वाहन चोरी करना स्वीकार किया।
इन स्थानों से चोरी हुई थीं बाइक
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अर्जुनी, भाटागांव बस स्टैंड रायपुर, महासमुंद बस स्टैंड, धरसीवां, गिधोरी बस स्टैंड और मेंऊ भांटा पामगढ़ से चोरी की गई बाइक बरामद की हैं। इनमें HF डीलक्स, एक्टिवा और स्प्लेंडर शामिल हैं। चोरी की गाड़ियों को छिपाने और बेचने में यश साहू की भूमिका सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 303(2), 317(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। दोनों को 2 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की गई।
फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस अब मामले में फरार तीसरे आरोपी की तलाश कर रही है। साथ ही चोरी के वाहनों की बिक्री और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जांच की जा रही है।