दुर्ग | बाढ़, अग्निकांड एवं आपदा जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से दारगांव धमधा क्षेत्र में बाढ़/फायर/सिविल डिफेन्स मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास महिला कमांडो शमशाद बेगम के विशेष आग्रह पर आयोजित हुआ, जिसमें लगभग 350 से 400 महिला कमांडो एवं नागरिकों की उपस्थिति रही।
SDRF जवानों ने किया रेस्क्यू तकनीकों का प्रदर्शन
मॉक ड्रिल में एस.डी.आर.एफ. दुर्ग के जवानों द्वारा विभिन्न आपदा परिस्थितियों में बचाव कार्यों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। अभ्यास के दौरान बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने, नदी में डूबे व्यक्ति के शव को डीप डाइविंग तकनीक से बाहर निकालने तथा दुर्घटना की स्थिति में पलटी हुई मोटर बोट से बचाव कार्य का प्रदर्शन किया गया।
प्राथमिक उपचार और CPR की दी गई जानकारी
ड्रिल के दौरान डूबे हुए व्यक्ति को सी.पी.आर. देने, तत्काल प्राथमिक उपचार और आपात चिकित्सा सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। इसके साथ ही SDRF के जवानों ने आधुनिक बचाव उपकरणों की जानकारी देते हुए उनके उपयोग का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस मॉक ड्रिल में उप पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा, सिविल डिफेन्स प्रभारी एवं पूर्व संभागीय सेनानी शेखर बोर्वांकर, सीएसपी बेमेतरा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय के महत्व पर प्रकाश डाला।
आपदा प्रबंधन को लेकर बढ़ी जागरूकता
इस अभ्यास ने न केवल आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखा, बल्कि आम नागरिकों और महिला कमांडो को आपात स्थितियों में सही निर्णय लेने और बचाव कार्यों की महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की।