CG Prime News@दिल्ली. चार राज्यों की छह सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों में पश्चिम बंगाल में भाजपा (BJP) ने शानदार प्रदर्शन किया है। नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर पार्टी ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। वहीं, तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने मदुरंतकम और धारापुरम सीटों पर जीत हासिल की। पुडुचेरी में NDA समर्थित ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (AINRC) के उम्मीदवार अशोक आनंद ने भी जीत दर्ज की। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान हुआ था।
बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर में BJP की बड़ी जीत, तमिलनाडु में विजय की TVK का जलवा
नंदीग्राम में भाजपा की ऐतिहासिक जीत
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ ने 1,22,753 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें कुल 1,64,427 वोट मिले। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, यह 1967 में निर्वाचन क्षेत्र के अस्तित्व में आने के बाद जीत का सबसे बड़ा अंतर है। इससे पहले नंदीग्राम में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड शुभेंदु अधिकारी के नाम था। उन्होंने 2016 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के टिकट पर CPI उम्मीदवार अब्दुल कबीर शेख को 81,230 वोटों से हराया था। इस बार भाजपा ने जीत के अंतर के मामले में पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
रेजीनगर में भी भाजपा का दबदबा
मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार सखाराव सरकार ने बड़ी जीत दर्ज की। उन्हें 1,29,914 वोट मिले, जबकि आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद को 54,098 वोट प्राप्त हुए। इस तरह सरकार ने 75,816 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। मुस्लिम बहुल इस सीट पर भाजपा की जीत को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। यहां कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल भाजपा को कड़ी चुनौती नहीं दे सके।
तमिलनाडु में विजय की TVK ने जीतीं दोनों सीटें
तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर TVK ने जीत दर्ज की। धारापुरम में पार्टी की उम्मीदवार सत्यभामा ने 9,471 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। इन नतीजों से राज्य की राजनीति में TVK की बढ़ती मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पुडुचेरी में AINRC की जीत, स्टालिन ने उठाए सवाल
पुडुचेरी की थट्टनचावडी सीट पर सत्ताधारी AINRC के उम्मीदवार अशोक आनंद ने कांग्रेस प्रत्याशी ई. विनायगम को 8,000 से अधिक वोटों से हराया। DMK उम्मीदवार के. सेतु तीसरे स्थान पर रहे। दूसरी ओर, तमिलनाडु की दोनों सीटें हारने के बाद DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने उपचुनावों पर सवाल उठाते हुए उन्हें लोकतंत्र की खुली हत्या करार दिया। असम की नगांव लोकसभा सीट पर मतगणना के दौरान भाजपा आगे चल रही थी।